मनमोहन, आडवाणी, राहुल, मोदी- अगला प्रधानमंत्री कौन? (लीड-2)
नई दिल्ली, 18 जनवरी (आईएएनएस)। देश में लोकसभा चुनाव की आहट के साथ ही दो प्रमुख राजनीतिक गठबंधनों में प्रधानमंत्री पद के उम्मीदवारों पर बहस आरंभ हो गई है। बंद दरवाजों के पीछे नेताओं की वोट बटोरने की क्षमता, पार्टी और गठबंधन को जीत तक पहुंचाने की योग्यता के साथ ही अन्य सभी गुणों पर गंभीरता से विचार चल रहा है।
कांग्रेस प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह को आधिकारिक तौर पर प्रधानमंत्री पद का उम्मीदवार घोषित करने की तैयारी है और भारतीय जनता पार्टी ने लालकृष्ण आडवाणी का नाम आगे बढ़ाया है। इसके बावजूद कांग्रेस महासचिव राहुल गांधी और गुजरात के मुख्यमंत्री नरेंद्र मोदी के बारे में भी चर्चाएं जारी हैं।
कुछ शीर्ष उद्योगपतियों द्वारा भले ही गुजरात के मुख्यमंत्री नरेंद्र मोदी को देश के प्रधानमंत्री पद का काबिल दावेदार ठहराया गया हो लेकिन हिंदुस्तान टाइम्स और सी फोर द्वारा देशभर के वरिष्ठ व्यावसायिक कार्यकारियों के बीच कराए गए एक सर्वेक्षण के अनुसार आम कारोबारी जगत का विश्वास अभी भी प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह में बरकरार है।
सर्वेक्षण के मुताबिक वरिष्ठ व्यावसायिक कार्यकारियों की प्रधानमंत्री पद की वरीयता सूची में मोदी चौथे स्थान पर हैं। इस सूची में उनका स्थान राहुल गांधी से भी नीचे है।
भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) की ओर से प्रधानमंत्री पद के उम्मीदवार लालकृष्ण आडवाणी को सर्वेक्षण में मनमोहन सिंह के बाद दूसरा स्थान मिला है
इससे पहले बुधवार को अहमदाबाद में गुजरात वाइब्रेंट इंवेस्टर्स मीट के दौरान दो बड़े उद्योगपतियों ने प्रधानमंत्री पद के लिए मोदी के नाम का समर्थन किया था।
बीते गुरुवार और शुक्रवार को कराए गए इस सर्वेक्षण में दिल्ली, मुंबई, कोलकाता, बेंगलुरू, चेन्नई और हैदराबाद के 226 नामी गिरामी कारोबारियों को शामिल किया गया था।
सर्वेक्षण में सिंह को 25 फीसदी, आडवाणी को 23 फीसदी, राहुल गांधी को 14 फीसदी और मोदी को 12 फीसदी मत मिले।
इस संबंध में भारतीय उद्योग परिसंघ (सीआईआई) के प्रमुख चंद्रजीत बनर्जी ने कहा कि उद्योग जगत ऐसा प्रधानमंत्री चाहता है जिसमें नेतृत्व क्षमता तो हो ही, साथ ही वह कठिन समय में देश को राह दिखा सके।
आधिकारिक रूप से कांग्रेस और भाजपा राहुल तथा मोदी के नाम को लेकर कोई अटकलबाजी लगाने से बच रही हैं।
कांग्रेस नेताओं ने कई बार कहा कि राहुल गांधी में देश का नेतृत्व करने की क्षमता है। साथ ही उनका यह भी कहना है कि इसका मतलब यह नहीं है कि राहुल आगामी लोकसभा चुनाव के प्रधानमंत्री पद के उम्मीदवार होंगे।
भाजपा ने मोदी के बारे में ज्यादा कुछ नहीं कहते हुए सिर्फ इतना स्पष्ट किया है कि आडवाणी ही प्रधानमंत्री पद के उम्मीदवार हैं।
उधर पूर्व उपराष्ट्रपति भैरोसिंह शेखावत ने भी लोकसभा चुनाव लड़ने की मंशा जाहिर करके आडवाणी के लिए मुसीबत खड़ी कर दी है। काफी लोगों का मानना है कि आडवाणी की तुलना में शेखावत राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन के अन्य सहयोगियों को अधिक स्वीकार्य हैं। शेखावत का खुद को पार्टी में सबसे वरिष्ठ बताना भाजपा के लिए समस्याएं पैदा कर रहा है।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।












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