'अस्थिरता के लिए भ्रष्ट सरकार भी ज़िम्मेदार'

हेफ़र ने अमरीकी अख़बार 'वॉशिंगटन पोस्ट' में लिखा है कि अफ़ग़ानिस्तान में अंतरराष्ट्रीय बिरादरी ने काफ़ी ख़ून और पैसे बहाया है.
ग़ौरतलब है कि नैटों के महासचिव का बयान अफ़ग़ानिस्तान की राजधानी काबुल में शनिवार को जर्मन दूतावास के बाहर हुए धमाके के दूसरे दिन आया है. इस धमाके में एक अमरीकी सैनिक समेत पाँच लोग मारे गए थे.
अफ़ग़ानिस्तान सरकार को मुँहफट संदेश देते हुए नैटो के महासचिव याप ड हूपस हेफ़र का कहना था, " बुनियादी परेशानी तालेबान का हर ओर होना नहीं हैं, बल्कि बहुत ही ख़राब शासन व्यवस्था है."
बुनियादी परेशानी
बुनियादी परेशानी तालेबान की अधिकता नहीं हैं, बल्कि बहुत ही ख़राब शासन व्यवस्था है नैटो महासचिव
| |
उन्होंने कहा कि देश के पश्चिमी और उत्तरी इलाक़ों में कुल मिलाकर शांति है जबकि दक्षिणी और पूर्वी भागों में हिंसा, ड्रग्स और अप्रभावी सरकार की वजह से अशांति है.
उन्होंने ज़ोर देकर कहा कि देश के नेतृत्व के पास राजनीतिक आकांक्षा नहीं है, इसलिए अफ़ग़ान अधिकारियों को कठिन राजनीतिक विकल्प बनाने की आवश्यकता है.
उनका कहना था कि अंतरराष्ट्रीय बिरादरी को ये पूछने का हक़ है कि चरमपंथियों के ख़िलाफ़ कार्रवाई ख़त्म होने से पहले और कितनी जोनों की क़ुर्बानी देनी पड़ेगी.
नैटो के महासचिव के लेख पर प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए अफ़ग़ान सरकार के प्रवक्ता सुल्तान अहमद भीन का कहना था," भ्रष्टाचार सिर्फ़ सरकार में ही नहीं है बल्कि यहाँ काम कर रहे ग़ैर सरकारी संगठन में भी हैं, जिनका ख़ात्मा होना चाहिए. अफ़ग़ानिस्तान सरकार भ्रष्टाचार को समाप्त करने के लिए प्रतिबध है."
सुल्तान अहमद ने ये भी कहा कि नैटो समेत अंतरराष्ट्रीय समुदाय भी कुछ चुनिंदा कबायली नेताओं का समर्थन करता रहा है.












Click it and Unblock the Notifications