बच्चे बेचने वाले गिरोह का पर्दाफ़ाश

चीन के सरकारी मीडिया के अनुसार जिन बच्चों का अपहरण हुआ वो दो या तीन साल के छोटे बच्चे थे.
रिपोर्ट में कहा गया है कि ज़्यादातर बच्चों को ह्यूनान प्रांत के येयांग शहर से उस समय उठाया गया जब या तो वे खेल रहे थे या फिर सो रहे थे.
बीजिंग न्यूज़ के अनुसार इन बच्चों को 860 यूआन (क़रीब छह हज़ार रुपए) से लेकर 26 हज़ार यूआन (क़रीब एक लाख 85 हज़ार रुपए) के बीच बेचा गया.
सरकारी समाचार एजेंसी शिन्हुआ के अनुसार पाँच बच्चों को छुड़वाया गया है और 13 लोगों को गिरफ़्तार किया गया है.
एजेंसी का कहना है कि गिरोह के लोग दिनदहाड़े मोटरसाइकिल पर आते थे और बच्चों को उठा ले जाते थे.
पुलिस का कहना है कि वो यह नहीं बता सकती कि कितने बच्चों का अपहरण किया गया.
अपहरण की घटनाएँ वर्ष 2008 में सितंबर के महीने में शुरु हुई थीं.
हालांकि सरकार अपहरण की इन घटनाओं को रोकने के प्रयास कर रही हैं लेकिन यह समस्या बढ़ती जा रही है.
इसका कारण सरकार की परिवार नियोजन की योजना को भी माना जा रहा है जिसके तहत हर दंपति को सिर्फ़ एक ही बच्चा पैदा करने की अनुमति है.
कुछ परिवारों को लड़का ही चाहिए होता है. पिछले दिनों एक परिवार ने येयांग में एक बच्चे को अनाथ छोड़ दिया क्योंकि उन्हें बाद में पता चला कि वह लड़की है.
ऐसी परिस्थिति में कई परिवार दूसरी जगह से लाई गई महिलाओं और बच्चों को भी ख़रीद लेते हैं क्योंकि ऐसी सूरत में महिला परिवार में घरेलू कामकाज के लिए उपयोग में लाई जाती है.
पिछले साल शांज़ी प्रांत में यह पाया गया था कि सैकड़ों बच्चों से ईंट भट्ठों और खदानों में काम लिया जा रहा है और इसके बाद सरकार ने दासप्रथा के ख़िलाफ़ अभियान शुरु किया गया था.












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