आंख के कैंसर से मोबाइल फोन का कोई संबंध नहीं
मोबाइल फोन से उत्सर्जित होने वाली रेडियाधर्मी किरणें और कैंसर के लिए जिम्मेदार डीएनए के बीच संबंधों के बारे में किए गए अध्ययन से पता चला है कि इनके बीच कोई सीधा संबंध नहीं है।
अमेरिका के नेशनल कैंसर इस्टीट्यूट के जर्नल की वेबसाइट के मुताबिक जर्मनी के विट्टेनबर्ग में स्थित मार्टिन लूथर विश्वविद्यालय के एंड्रीज स्टैंग और उनके सहयोगियों ने 459 मरीजों व 1194 प्रतिभागियों पर फोन के प्रयोग और मेलैनोमा के बीच खतरों का अध्ययन किया।
शोधकर्ताओं ने फोन प्रयोग करने के समय के हिसाब से प्रतिभागियों को अलग-अलग समूहों में बांटकर अध्ययन किया। इन्हें कभी फोन का प्रयोग नहीं वाले, ज्यादा फोन का प्रयोग करने वाले और अक्सर फोन का प्रयोग करने वाले समूहों में बांटा गया।
विश्वविद्यालय से जारी एक विज्ञप्ति में कहा गया है कि 10 वर्षो तक मोबाइल फोन और मेलैनोमा के खतरों के बीच संबंधों पर किए गए अध्ययन से इनके बीच किसी सांख्यिकीय संबंध का पता नहीं चला।
शोधकर्ता ने लिखा है, "हम इस निष्कर्ष पर पहुंचे कि जर्मनी में मोबाइल फोन या रेडिया सेट का नियमित रूप से प्रयोग करने वालों पर आंख के कैंसर का कोई खतरा नहीं था। जर्मनी में डिजिटल मोबाइल फोन प्रौद्योगिकी की शुरुआत 1990 के दशक में हुई थी।"
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।












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