अमर ने मायावती पर लगाए भ्रष्टाचार के आरोप, बसपा ने किया खंडन (राउंडअप)

अमर सिंह ने संवाददाताओं से कहा कि सीडी में वरिष्ठ बसपा नेता तिलक चंद अहिरवाल और सी.पी. सिंह के 20 लाख रुपये जुटाने और इसे दिल्ली के बसपा नेता सुरेश चांद को देने के बारे में पूरा ब्योरा है।

अमर सिंह ने आरोप लगाया कि 20 लाख रुपये की रकम को 39 बसपा कार्यकर्ताओं में बांटा गया और उनसे इस धन को मायावती के नाम से बैंक ड्राफ्ट बनाकर भेजने को कहा गया।

उधर लखनऊ में बहुजन समाज पार्टी (बसपा) के उत्तरप्रदेश अध्यक्ष स्वामी प्रसाद मौर्य ने समाजवादी पार्टी (सपा) महासचिव अमर सिंह द्वारा दिल्ली में मायावती के लिए धन जुटाने वाले बसपा नेताओं की टेलीफोन वार्ता की एक सीडी जारी करने को घिनौना राजनीतिक दुष्प्रचार बताते हुए इसकी कड़ी निंदा की है।

अमर सिंह ने कहा कि सभी बैंक ड्राफ्ट 10 दिन के भीतर ही फरवरी 2007 में बनवाए गए। यह मायावती के भ्रष्टाचार का केवल एक नमूना है। इससे साफ हो जाता है कि मायावती कैसे अपने काले धन को सफेद बनाती हैं।

अमर सिंह ने कहा कि इसके बारे में विस्तृत जानकारी डब्ल्यूडब्ल्यूडब्ल्यू डाट तिरंगान्यूज डॉटकॉम नामक वेबसाइट पर भी उपलब्ध है। इस वेबसाइट ने ही सीडी को तैयार किया है। यह वेबसाइट उजाला न्यूज नेटवर्क का हिस्सा है जो उजाला नामक हिंदी पत्रिका निकालती है।

अमर सिंह ने कहा कि सीडी में बैंक ड्राफ्ट के नंबर, उसे बनवाने वाले लोगों के नाम सहित सभी विवरण हैं।

सपा नेता ने इस मामले की सीबीआई से जांच कराने की मांग की। अमर सिंह ने चुनाव आयोग से बसपा की राष्ट्रीय राजनीतिक दल की मान्यता समाप्त करने की भी मांग की।

उधर लखनऊ में बसपा अध्यक्ष एवं सहकारिता मंत्री स्वामी प्रसाद मौर्य ने कहा कि सबको पता है कि अमर सिंह फर्जी दस्तावेज बनाने में माहिर हैं। इस तरह का कृत्य करके उन्होंने एक बार फिर साबित कर दिया है कि वह निम्न स्तर की राजनीति करते हैं।

मौर्य ने कहा कि अमर सिंह राजनीतिक जोकर होने के साथ-साथ एक घोषित दलाल हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि संयुक्त प्रगतिशील गठबंधन (संप्रग) सरकार को बचाने के लिए अमर सिंह ने सांसदों की खरीद फरोख्त करके भारतीय संसद पर बदनुमा दाग लगाया है।

मौर्य ने कहा कि बसपा केंद्र सरकार से मांग करती है कि वह क्लिंटन फाउंडेशन के लिए करोड़ों रुपये दान करने वाले अमर सिंह की सम्पत्ति की सीबीआई से जांच कराए।

मौर्य ने कहा कि इतने कम समय में बसपा का जनाधार बढ़ने को सपा, भारतीय जनता पार्टी(भाजपा) और कांग्रेस पचा नहीं पा रही हैं। इसीलिए समय-समय पर ये दल बसपा के खिलाफ राजनीतिक षडयंत्र रचते रहते हैं।

इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।

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