सत्यम के मुख्य वित्तीय अधिकारी गिरफ़्तार

इससे पहले पुलिस ने शुक्रवार की रात सत्यम कंप्यूटर्स के पूर्व चेयरमैन बी रामलिंगा राजू और उनके भाई रामा राजू को गिरफ़्तार कर लिया था और शनिवार को अदालत ने दोनों को 23 जनवरी तक के लिए न्यायिक हिरासत में भेज दिया है.
कंपनी के ख़ाते में सात हज़ार करोड़ रूपए से अधिक के घपले के मामले की जाँच आंध्रप्रदेश पुलिस की सीआईडी कर रही है और उसने रामालिंगा राजू और उनके भाई के ख़िलाफ़ आपराधिक षडयंत्र, धोखाधड़ी और घपले का मामला दर्ज किया है.
सीआईडी के महानिरीक्षक वीएस कौमुदी ने बीबीसी को बताया कि सीएफ़ओ श्रीनिवासन के ख़िलाफ़ भी यही मामले दर्ज किए गए हैं.
पूछताछ
सीआईडी ने शनिवार को शाम क़रीब छह बजे वी श्रीनिवास को हिरासत में लिया था लेकिन उनको गिरफ़्तार किए जाने की पुष्टि नहीं की थी.
लेकिन देर रात अधिकारियों ने उनकी गिरफ़्तारी की पुष्टि कर दी है.
सत्यम के मुख्य वित्तीय अधिकारी होने के नाते वी श्रीनिवास जो जानकारियाँ देंगे वो इस घोटाले की जाँच में अहम साबित हो सकते हैं वीएस कौमुदी, आईजी, सीआईडी
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सीआईडी के महानिरीक्षक वीएस कौमुदी के अनुसार उनसे पूछताछ की जा रही है.
उनका कहना था, "सत्यम के मुख्य वित्तीय अधिकारी होने के नाते वी श्रीनिवास जो जानकारियाँ देंगे वो इस घोटाले की जाँच में अहम साबित हो सकते हैं."
उन्होंने बताया कि श्रीनिवास को रविवार को अदालत में पेश किया जाएगा.
जेल गए राजू
हैदराबाद पुलिस ने शनिवार को बी रामालिंगा राजू और उनके भाई को मेट्रोपोलिटन मजिस्ट्रेट के सामने पेश किया.
सत्यम के कर्मचारियों पर संकट के बादल मंडरा रहे हैं
वहाँ पुलिस ने सुरक्षा के कड़े प्रबंध किए थे और मीडिया तक को घेरा बनाकर दूर रखा गया था.
राजू बंधुओं के वकील ने ज़मानत की अर्ज़ी दी थी लेकिन मजिस्ट्रेट ने इसे ख़ारिज करते हुए दोनों भाइयों को 23 जनवरी तक न्यायिक हिरासत में भेज दिया.
दोनों भाइयों को चंचलगुडा जेल भेज दिया गया है जहाँ वे अपनी पहली रात बिता रहे हैं.
मजिस्ट्रेट ने जेल अधिकारियों को रामालिंगा राजू के स्वास्थ्य पर नज़र रखने के आदेश दिए हैं.
राजू के वकील ने कहा है कि वो सोमवार को अदालत में ज़मानत के लिए फिर से अपील करेंगे.
दोनों भाइयों को हैदराबाद पुलिस ने शुक्रवार रात गिरफ़्तार किया था जिसके बाद दोनों से लंबी पूछताछ की गई.
बुधवार को बी रामालिंगा राजू ने कंपनी के खाते में 7000 करोड़ रुपए से ज़्यादा के घपले की बात स्वीकारते हुए अपने पद से इस्तीफ़ा दे दिया था.
शनिवार सुबह राजू की मेडिकल जाँच हुई है क्योंकि वे कुछ समय से दिल के रोग से ग्रस्त हैं. उनके वकील भरत कुमार के अनुसार राजू और उनके भाई रामा राजू से रात में पूछताछ हुई है.
सरकार ने सत्यम के बोर्ड को भंग कर दिया है और उसमें सरकार की ओर से 10 निदेशक नियुक्त करने का निर्णय लिया है. पहले से तय बोर्ड की शनिवार को होने वाली बैठक टाल दी गई है.
राजनीतिक आरोप-प्रत्यारोप
सत्यम कंप्यूटर्स के घोटाले को लेकर राज्य में राजनीतिक आरोप-प्रत्यारोपों का दौर भी शुरु हो गया है.
चंद्राबाबू नायडू ने मुख्यमंत्री राजशेखर रेड्डी पर गंभीर आरोप लगाए हैं
शनिवार को तेलुगूदेशम पार्टी के प्रमुख चंद्राबाबू नायडू ने आरोप लगाया कि राज्य के मुख्यमंत्री वाई राजशेखर रेड्डी को इन घोटालों से संबंध है.
उन्होंने कहा कि सत्यम की सहयोगी संस्था मेटास को राज्य की कांग्रेस सरकार ने मेट्रो रेल, सड़क, बिजली और निर्माण के कई ठेके दिए हैं.
उन्होंने आरोप लगाया कि राजशेखर रेड्डी के बेटे वायएस जगनमोहन रेड्डी के अख़बार साक्षी में भी सत्यम का बड़ा पैसा लगा हुआ है.
मुख्यमंत्री राजशेखर रेड्डी ने इन आरोपों का खंडन करते हुए कहा है कि रामालिंगा राजू को आगे बढ़ाने में दरअसल चंद्राबाबू नायडू का ही हाथ रहा है.
उनका कहना था कि जब अमरीका के तत्कालीन राष्ट्रपति बिल क्लिंटन हैदराबाद आए थे तो रतन टाटा जैसे उद्योगपति को आमलोगों के बीच बैठाकर चंद्राबाबू नायड़ू ने रामालिंगा राजू को बिल क्लिंटन के साथ मंच पर बिठाया था.
रेड्डी ने कहा, "कॉर्पोरेट जगत से लाभ उठाना चंद्राबाबू नायडू का काम रहा है."
मेटास को दिए ठेकों के बारे में उन्होंने कहा कि यह कंपनी अब तक अपना काम ठीक तरह से कर रही है लेकिन फिर भी सरकार ने उसके कामकाज पर गंभीरता से नज़र रखना शुरु कर दिया है.












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