बिहार में नक्सली घटनाओं में कमी
आंकड़ों के मुताबिक राज्य भर में वर्ष 2008 में 21 दिसंबर तक कुल 75 नक्सली वारदात के मामले दर्ज कराए गए। आंकड़ों के मुताबिक वर्ष 2004 में राज्य में कुल 382 नक्सली वारदात दर्ज कराए गए थे, वर्ष 2005 में इसकी संख्या घटकर 210 हो गई। वर्ष 2006 में पूरे राज्य में कुल 63 तथा वर्ष 2007 में 73 नक्सली घटनाएं दर्ज की गई थी।
मुख्यालय में दर्ज आंकड़ों के अनुसार वर्ष 2008 के नवंबर माह तक राज्य में अपराधियों ने हत्या की 2797, डकैती की 571, लूट की 1391, फिरौती के लिए अपहरण की 55 तथा चोरी की 12,744 घटनाओं को अंजाम दिया, जबकि वर्ष 2007 में हत्या के 2963, डकैती के 646, लूट के 1729, फिरौती के लिए अपहरण की 89 तथा चोरी के 12,306 मामले दर्ज किए गए थे।
बिहार में आपराधिक घटनाओं में कमी का सबसे बड़ा कारण पुलिस अधिकारी आम लोगों में कानून के प्रति विश्वास को मानते हैं। राज्य के अपर पुलिस महानिदेशक (मुख्यालय) नीलमणि का कहना है कि लोग अब पुलिस को सूचना देने लगे हैं जिस पर पुलिस कारवाई भी करती है। इस कारण लोगों का पुलिस के प्रति विश्वास बढ़ा है।
उन्होंने कहा कि अपराधियो और नक्सलवादियों पर नकेल कसने की कवायद में राज्य सरकार ने पुलिस बल को भी आधुनिक संसाधनों से लैस करने की प्रक्रिया प्रारंभ की है। इससे भी पुलिसकर्मियों का हिम्मत बढ़ा है।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।












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