उप्र में इंजीनियर हत्याकांड का आरोपी विधायक मंत्री के संपर्क में था!
लखनऊ, 31 दिसम्बर (आईएएनएस)। लोक निर्माण विभाग के अभियंता मनोज कुमार गुप्ता हत्याकांड का आरोपी बहुजन समाज पार्टी (बसपा) विधायक शेखर तिवारी प्रदेश के एक मंत्री से संपर्क में था।
एक वरिष्ठ खुफिया अधिकारी ने नाम नहीं छापने की शर्त पर आईएएनएस से कहा, "विधायक के मोबाइल से पता चलता है कि कानपुर में एक मंत्री से उसकी बातचीत हुई थी।"
गुप्ता की 24 दिसंबर को औरेया में पीट-पीट कर हत्या कर दी गई थी। हत्याकांड में कथित भूमिका के कारण तिवारी को गिरफ्तार किया गया है। विपक्षी दलों का कहना है कि मुख्यमंत्री मायावती के जन्मदिन के लिए 50 लाख रुपये देने से इनकार करने के कारण इंजीनियर की हत्या की गई। जनवरी में मुख्यमंत्री का जन्म दिवस है।
सूत्रों का कहना है कि इलेक्ट्रानिक सर्विलांस रिपोर्ट से पता चलता है कि तिवारी मंत्री के कानपुर स्थित आवास में गिरफ्तारी से करीब आधे घंटा पहले तक मौजूद था। हालांकि, आधिकारिक तौर पर तिवारी की गिरफ्तारी कानपुर के बाहरी इलाके रानिया से बताई गई है।
इस प्रभावशाली मंत्री ने तिवारी के लिए रानिया पुलिस चौकी में वीआईपी व्यवस्था करवाई। बसपा के शीर्ष नेताओं के साथ उठने-बैठने वाले इस मंत्री ने इसकी भरपूर कोशिश की कि प्राथमिकी रिपोर्ट में तिवारी का नाम नहीं आए।
सूत्रों ने बताया कि राज्य के वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों के पास भी मंत्री की तरफ से ऐसे ही निर्देश आए।
बसपा सूत्रों के मुताबिक तिवारी के समाजवादी पार्टी छोड़कर बसपा में शामिल होने के बाद उक्त मंत्री का पार्टी में वजन बढ़ गया। दरअसल, बसपा के दलित-ब्राह्मण समीकरण के तहत तिवारी को पार्टी में लाया गया था। ऐसे में तिवारी को पार्टी में लाने का श्रेय हासिल करने का खेल पार्टी के वरिष्ठ नेताओं में चलता रहा।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।
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