बांग्लादेश चुनाव में अवामी लीग को बढ़त (लीड-1)
चुनाव आयोग से मिली जानकारी के अनुसार हसीना गोपालगंज-3 सीट से चुनाव जीत गई हैं। यहीं उनका पैतृक घर भी है। उनके पिता शेख मुजीबुर रहमान को राष्ट्रनिर्माता का दर्जा प्राप्त है।
गैरआधिकारिक जानकारी के अनुसार अवामी लीग 12 में से 10 सीटों पर बढ़त बनाए हुए है। अब तक के परिणाम शेख हसीना की प्रतिद्वंद्वी खालिदा जिया के लिए अनुकूल नहीं है।
जिया की सहयोगी पार्टी जमात-ए-इस्लामी के प्रमुख मोतिउर रहमान निजामी पबना-1 सीट पर अवामी लीग के उम्मीदवार शम्सुल हल टुकु से चुनवा हार गए हैं।
शेख हसीन गोपालगंज-3 के साथ ही रंगपुर-6 से भी चुनाव जीत गई हैं। गोपालगंज सीट पर हसीना को 1,65,178 वोट मिले जबकि उनके प्रतिद्वंद्वी एस.एम. जिलानी को केवल 4,068 वोट मिले।
रंगपुर-6 सीट पर हसीना को 1,72,044 वोट मिले जबकि उनके प्रतिद्वंद्वी नूर मोहम्मद मंडल को 38,440 वोट मिले।
सैन्य समर्थित अंतरिम सरकार का नेतृत्व कर रहे मुख्य सलाहकार फखरुद्दीन अहमद ने कहा कि वह विजेता पार्टी को सत्ता सौंपने का इंतजार कर रहे हैं।
चुनावों के लिए देशभर में कुल 35216 मतदान केंद्र स्थापित किए गए थे। आम चुनाव में कुल 1,555 उम्मीदवारों के चुनावी भाग्य का फैसला होना है।
इस चुनाव में सत्ता के दोनों प्रमुख दावेदारों, अवामी लीग की शेख हसीना व बांग्लादेश नेशनलिस्ट पार्टी (बीएनपी) की खालिदा जिया ने अपनी-अपनी जीत व अगली सरकार बनाने का दावा किया है।
इसके पूर्व के चुनाव में हार का सामना करने वाली पार्टी ने चुनाव परिणाम व जटिया संसद (नेशनल एसेंबली) का बहिष्कार कर दिया था।
इससे पर सोमवार को हुए मतदान के बाद मुख्य चुनाव आयुक्त ए.टी.एम. शमसुल हुदा ने कहा कि उन्हें 75 प्रतिशत मतदान की उम्मीद है। हुदा के अनुसार इस बार मतदान प्रकिया इस तरीके से व्यवस्थित की गई है कि परिणाम का बहिष्कार करने का किसी को मौका ही नहीं होगा।
हुदा ने कहा कि 1,500 विदेशी व 200,000 स्थानीय पर्यवेक्षक पूरी चुनावी प्रक्रिया के गवाह रहे हैं।
हुदा ने कहा कि ऐसी स्थिति में चुनाव परिणाम का बहिष्कार करना किसी के लिए भी बहुत कठिन काम होगा।
ज्ञात हो कि हसीना द्वारा चुनाव परिणाम का बहिष्कार किए जाने के कारण ही पिछले साल जनवरी महीने में हुआ आम चुनाव निरस्त कर दिया गया था।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।












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