भाहत का सीमा पर सैन्य जमावड़े से इनकार (लीड-1)
भारतीय सेना के एक वरिष्ठ अधिकारी ने अपनी पहचान छुपाकर आधिकारिक स्थिति की जानकारी देते हुए कहा, "हमने सीमा पर कोई सैन्य जमावड़ा नहीं किया है। हम नहीं बल्कि पाकिस्तान ही युद्ध का हल्ला मचा रहा है।"
कुरैशी के भारत से सेना वापस लौटाने के बयान के बारे में पूछे जाने पर अधिकारी ने कहा कि हमारा ध्यान केवल सेना को सतर्क रखने पर है, जिससे आवश्यकता पड़ने पर उसे कार्रवाई में लगाया जा सके।
पाकिस्तान के विदेश मंत्री शाह महमूद कुरैशी ने मंगलवार को पाकिस्तान के सरकारी टेलीविजन (पीटीवी) पर कहा, "भारत को अग्रिम हवाई चौकियों पर अक्रामक कार्रवाइयां बंद करना और सेना को शांतिकाल के स्थान पर वापस बुलाना चाहिए।"
कुरैशी ने कहा कि पिछले 48 घंटे के दौरान सकारात्मक कदम उठाए गए हैं और हम भारतीय विदेश मंत्री प्रणब मुखर्जी के युद्ध की चेतावनी से इनकार करने का स्वागत करते हैं।
पाकिस्तानी विदेश मंत्री ने कहा कि यदि भारत मुंबई हमले के संबंध में पर्याप्त सबूत उपलब्ध कराए तो पाकिस्तान हमले में शामिल पाए गए लोगों के खिलाफ कार्रवाई करेगा।
भारत के साथ सभी विवादित द्विपक्षीय मुद्दों पर चर्चा और शांति प्रक्रिया को जारी रखने की पाकिस्तान की इच्छा जताते हुए कुरैशी ने कहा, "हमें अच्छे पड़ोसियों की तरह रहना सीखने की जरूरत है।"
मंगलवार को ही पाकिस्तान के राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार महमूद अली दुर्रानी ने मुंबई हमले के बाद पैदा हुए मुद्दों को सुलझाने के लिए दोनों देशों के बीच वार्ता आरंभ करने को कहा।
इस्लामाबाद से दुर्रानी ने सीएनएन-आईबीएन समाचार चैनल से कहा कि मीडिया ने मामले को अनावश्यक तूल दे रखा है। हम अविश्वास को दूर करेंगे। हम आपस में बात करेंगे।
उधर सोमवार को ईरानी और चीनी अधिकारियों ने मुंबई हमले के बाद की स्थिति पर पाकिस्तान के राजनीतिक और सैनिक नेतृत्व के साथ चर्चा की।
पाकिस्तान में ब्रिटिश राजदूत राबर्ट ब्रिंकले ने राष्ट्रपति जरदारी से एक मुलाकात में उनको ब्रिटिश प्रधानमंत्री गार्डन ब्राउन की चिंताओं से अवगत कराया।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।
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