मध्यप्रदेश में मुद्दों से भटके नेता
दमोह, 22 नवंबर (आईएएनएस)। मध्यप्रदेश विधानसभा चुनाव में जमीनी मुद्दे किस कदर गायब हैं यह शनिवार को भाजपा के वरिष्ठ नेता लालकृष्ण आडवाणी और कांग्रेस के महासचिव राहुल गांधी की सभाओं में देखने को मिला। दोनों नेता बुनियादी मुद्दे को छोड़ आतंकवाद और एक-दूसरे पर आरोप-प्रत्यारोप ही लगाते दिखे।
दमोह में तो मतदाता दोनों नेता की बात सुनकर ही चकरा गए। जब दोनों ने उस आतंकवाद की चर्चा छेड़ दी जिसका बुंदेलखंड से कोई लेना देना ही नहीं है।
राजनीतिक दृष्टि से महत्वपूर्ण दमोह में शनिवार को पहली सभा कांग्रेस महासचिव राहुल गांधी की हुई, जिसमें उन्होंने भारतीय जनता पार्टी पर विकास की बजाए आतंकवाद को जोर शोर से उठाने का आरोप लगाया।
उनका कहना था कि गांव तथा छोटे शहरों में बम विस्फोट नहीं हुए और यहां के लोगों की जरूरत विकास है। लेकिन प्रदेश की सरकार और भाजपा को इससे कोई सरोकार नहीं। उन्होंने सवाल किया कि प्रदेश सरकार बताए कि क्या आतंकवादियों ने यहां सड़क बनाने, बिजली के खंभे लगाने और नहर बनाने से रोका है। वह तो महज वोट की राजनीति कर रही है।
उन्होंने प्रदेश की भाजपा सरकार पर विकास को महत्व न देने का अरोप लगाते हुए कहा कि बुंदेलखंड के विकास के लिए केंद्र ने योजनाएं बनाई और राशि भेजी मगर प्रदेश की सरकार ने कुछ नहीं किया। प्रदेश सरकार अपनी नाकामी छुपाने के लिए आतंकवाद की बात करती है।
वहीं दूसरी ओर पी़ एम़ वेटिंग और भाजपा नेता लालकृष्ण आडवाणी ने ए़ टी़ एस़ पर साध्वी प्रज्ञा ठाकुर के साथ ज्यादती करने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि प्रज्ञा से पूछताछ के नाम पर उसको प्रताड़ना दी जा रही है। ए़ टी़ एस़ में कोई महिला अधिकारी तक नहीं है। आडवाणी ने केंद्र सरकार पर आतंकवाद को नियंत्रित कर पाने में असफल रहने का आरोप लगाया। आडवाणी ने शिवराज सरकार के कार्यकाल की खूबियां गिनाईं।
दमोह भाजपा और कांग्रेस दोनों के लिए महत्वपूर्ण है, इसकी वजह यह है कि यहां से मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान के करीबी मंत्री जयंत मलैया मैदान में है, वहीं दूसरी ओर भाजपा का दामन छोड़कर कांग्रेस का टिकट पाने वाले चंद्रभान सिंह मैदान में हैं। शनिवार को हुई दोनों नेताओं की सभा में पर्याप्त भीड़ जुटी, फिर भी राहुल की सभा आडवाणी पर भारी पड़ी।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।












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