समुद्री सुरक्षा में सहयोगी बन सकते हैं भारत, चीन व अमेरिका

अरुण कुमार

अरुण कुमार

वाशिंगटन, 22 नवंबर (आईएएनएस)। भारत व चीन के विकास के साथ उभर रही बहु-ध्रुवीय प्रणाली में नए विरोधी ही नहीं पनप रहे हैं बल्कि समुद्री मार्ग की सुरक्षा के लिए ढेर सारे सहयोग के अवसर भी बन रहे हैं। यह राय अमेरिका के एक खुफिया विशेषज्ञ ने जाहिर की है।

राष्ट्रीय खुफिया परिषद (एनआईसी) में परामर्शदाता मैथ्यू बरेज ने शुक्रवार को कहा "अमेरिका वर्ष 2025 में प्रमुख समुद्री शक्ति बना रहेगा। और जीवन व समुद्री रास्तों की रखवाली के संदर्भ में अमेरिका हर हाल में एकमात्र सक्षम देश होगा।''

16 अमेरिकी खुफिया एजेंसियों की इस शीर्ष इकाई द्वारा किए गए अध्ययन 'ग्लोबल ट्रेंड्स 2025-ए ट्रांसफॉर्म्ड वर्ल्ड' के प्रमुख लेखक बरेज ने कहा कि यहां सजग रहने की बात यह है कि चीन की नौसेना व संभवत: भारत भी उन क्षमताओं को विकसित करने की शुरुआत कर रहे होंगे।''

यह रिपोर्ट न केवल प्रतिद्वंद्विता की बात करती है बल्कि सहयोग की संभावना की बात भी करती है।

बरेज ने कहा "इस संदर्भ में अमेरिका, भारत, चीन व अन्य देशों के लिए समुद्री रास्ते की सुरक्षा को लेकर सहयोग के तमाम अवसर हैं।''

इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।

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