मुद्रास्फीति पिछले 52 हफ्तों के दौरान 7.12 प्रतिशत रही
नई दिल्ली, 14 सितम्बर (आईएएनएस)। केंद्रीय वित्त मंत्रालय का आकलन है कि इस वर्ष 30 अगस्त तक पिछले 52 सप्ताह के दौरान देश में मुद्रास्फीति यानी महंगाई की औसत दर 7.12 प्रतिशत रही। इस अवधि में दालों एवं फलों जैसी प्रथामिक वस्तुओं के दाम औसतन 7.86 प्रतिशत की दर से बढ़े।
वित्त मंत्रालय ने रविवार को जारी एक बयान में कहा, "मुद्रास्फीति की वार्षिक दर पिछले 52 सप्ताह के दौरान कीमतों में परिवर्तन का संचयी प्रभाव है। मांग में लगातार वृद्धि जारी है, इसलिए कीमतों में परिवर्तन के प्रभाव के आकलन का 52 हफ्तों की औसत मुद्रास्फीति दर कमोबेश बेहतर पैमाना है।"
मंत्रालय के आकलन के मुताबिक इस वर्ष 30 अगस्त तक पिछले 52 हफ्तों के दौरान फलों एवं सब्जियों, ईंधन एवं ऊर्जा जैसी प्राथमिक वस्तुएं और वस्त्र जैसे विनिर्मित उत्पादों की औसत मुद्रास्फीति दर 7.12 प्रतिशत रही। इससे पहले की समान अवधि में यह 5.46 प्रतिशत थी।
मंत्रालय ने बयान में कहा, "पिछले 52 हफ्तों के दौरान प्राथमिक वस्तुएं, ईंधन, ऊर्जा और विनिर्मित उत्पादों जैसे व्यापक समूह के कमोडिटी की औसत मुद्रास्फीति यह दर्शाती है कि चालू वित्त वर्ष के दौरान समग्र मुद्रास्फीति दर ऊंची रही, लेकिन इस दौरान प्राथमिक वस्तुओं की मुद्रास्फीति अपेक्षाकृत कम रही।"
गौरतलब है कि वित्त वर्ष 2007-08 की समान अवधि में व्यापक समूह के कमोडिटी की औसत मुद्रास्फीति 9.49 प्रतिशत प्रति वर्ष थी।
इस वर्ष 30 अगस्त को समाप्त हुए सप्ताह के दौरान थोक मूल्य सूचकांक पर आधारित देश में मुद्रास्फीति की वार्षिक दर 21.1 प्रतिशत रही। इससे पहले यह 12.64 प्रतिशत के स्तर पर जा पहुंची थी। इस वर्ष सात जून को पहली बार मुद्रास्फीति की दर दो अंकों का आंकड़ा पार करते हुए 11.05 प्रतिशत के स्तर पर आई थी।
वित्त मंत्रालय का कहना है कि धीरे-धीरे ही सही लेकिन मुद्रास्फीति में सुधार होने लगा है और निकट भविष्य में मौसमी कारकों का इस पर सकारात्मक असर होगा।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।












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