शोभराज के खिलाफ निपेनबर्ग की मुहिम हुई कमजोर
काडमांडू, 11 अगस्त (आईएएनएस)। संयुक्त राष्ट्र ने कुख्यात अपराधी चार्ल्स शोभराज के कथित जघन्य कृत्यों पर केंद्रित एक वेबसाइट को उसके 'लोगो' का इस्तेमाल नहीं करने का निर्देश देकर उस सेवानिवृत्त डच राजनयिक की मुहिम को कमजोर कर दिया है, जो शोभराज को कड़ी से कड़ी सजा दिलाने के लिए उसके खिलाफ सबूत इकट्ठा करता रहा है।
काडमांडू, 11 अगस्त (आईएएनएस)। संयुक्त राष्ट्र ने कुख्यात अपराधी चार्ल्स शोभराज के कथित जघन्य कृत्यों पर केंद्रित एक वेबसाइट को उसके 'लोगो' का इस्तेमाल नहीं करने का निर्देश देकर उस सेवानिवृत्त डच राजनयिक की मुहिम को कमजोर कर दिया है, जो शोभराज को कड़ी से कड़ी सजा दिलाने के लिए उसके खिलाफ सबूत इकट्ठा करता रहा है।
शोभराज अमेरिकी पर्यटक कोनी जो ब्रांजिच की हत्या के मामले में आरोपित है। इसी मामले में वह जेल की सजा भुगत रहा है। दशकों से एक डच नागरिक हर्मन निपेनबर्ग शोभराज के खिलाफ पर्दे के पीछे सक्रिय रहकर उसके अपराधों के बारे में सबूत मुहैया कराता रहा है।
शोभराज की असलियत की भनक इस शख्स को बैंकाक में 70 के दशक में लगी थी। तभी से वे शोभराज के पीछे पड़े हैं। शोभराज ने आईएएनएस से बातचीत करते हुए कहा, "यही व्यक्ति मेरे खिलाफ नेपाल पुलिस को भड़काता रहा है। यह व्यक्ति मेरे खिलाफ सूचनाएं मुहैया कराता रहा है। वह वर्षो से मेरे पीछे हाथ धोकर पड़ा है।"
शोभराज पर केंद्रित वेबसाइट शोभराजदसरपेंट डॉट को डॉट एनआर अब तक संयुक्त राष्ट्र और इंटरपोल के 'लोगो' का इस्तेमाल करती रही है। शोभराज के खिलाफ तमाम सबूतों की इस पर चर्चा होती रही है। इसके पीछे भी निपेनबर्ग की भूमिका रही है। शोभराज के वकील की शिकायत पर संयुक्त राष्ट्र ने वेबसाइट से उसका लोगो हटाने का निर्देश दिया है। इससे यह मुहिम कमजोर पड़ सकती है।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।
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