बांग्लादेश में शेख मुजीब की पुण्यतिथि पुन: शोक दिवस घोषित
ढाका, 11 अगस्त (आईएएनएस)। बांग्लादेश में छह वर्ष बाद एक बार फिर से देश के संस्थापक और प्रथम राष्ट्रपति शेख मुजीबुर्रहमान की पुण्यतिथि 15 अगस्त को 'राष्ट्रीय शोक दिवस' के रूप में मनाने का फैसला किया गया है।
ढाका, 11 अगस्त (आईएएनएस)। बांग्लादेश में छह वर्ष बाद एक बार फिर से देश के संस्थापक और प्रथम राष्ट्रपति शेख मुजीबुर्रहमान की पुण्यतिथि 15 अगस्त को 'राष्ट्रीय शोक दिवस' के रूप में मनाने का फैसला किया गया है।
कार्यवाहक सरकार के प्रमुख सलाहकार फखरुद्दीन अहमद की अध्ययक्षता में रविवार को हुई बैठक में इस दिन राष्ट्रीय अवकाश भी रखने का फैसला लिया गया। शेख मुजीब की 15 अगस्त 1975 को एक सैनिक विद्रोह में हत्या कर दी गई थी।
'न्यू एज' समाचार पत्र के अनुसार कार्यवाहक सरकार पिछले वर्ष से इस संवेदनशील मामले पर निर्णय लेने से परहेज कर रही थी, लेकिन इस मामले पर पिछले महीने उच्च न्यायालय द्वारा दिए गए निर्णय ने इसमें मदद की।
15 अगस्त 1975 में हुए सैनिक विद्रोह में शेख मुजीब सहित 28 लोगों की हत्या कर दी गई थी। उनके परिवार के केवल दो सदस्य ही जीवित बच पाए थे।
विद्रोह के बाद जनरल जिया उर्रहमान ने सत्ता पर कब्जा कर लिया। पूर्व राष्ट्रपति जियाउर्रहमान 30 मई 1981 को हुए एक अन्य सैनिक विद्रोह में मारे गए थे।
शेख मुजीब की जीवित बची बड़ी पुत्री शेख हसीना की सरकार ने 1996 में 15 अगस्त को राष्ट्रीय शोक दिवस घोषित किया था।
लेकिन 2002 में जिया उर्रहमान की विधवा बेगम खालिदा जिया की बांग्लादेश नेशनलिस्ट पार्टी (बीएनपी)की सरकार ने इसे रद्द कर दिया। इस निर्णय को एक जनहित याचिका द्वारा न्यायालय में चुनौती दी गई थी। उच्च न्यायालय की खंडपीठ ने 27 जुलाई को दिए अपने निर्णय में उस फैसले को अवैध घोषित कर दिया।
न्यायालय ने शेख मुजीब के सम्मान में राष्ट्रध्वज आधा झुकाने के निर्णय को रद्द करने के बेगम जिया सरकार के निर्णय को भी अवैध ठहरा दिया।
जिया की बीएनपी 30 मई को भी शोक दिवस घोषित करने की मांग कर रही है।
शेख मुजीब की हत्या में शामिल कई सैनिक अधिकारी विदेशों में हैं। पकड़े गए और दोषी ठहराए गए लोग अपनी अपीलों पर निर्णय का इंतजार कर रहे हैं।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।
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