उत्तराखंड में कर्नल को हटाने पर अड़े भाजपा के असंतुष्ट

नई दिल्ली, 11 अगस्त (आईएएनएस)। उत्तराखंड के मुख्यमंत्री भुवनचंद खंडूरी के खिलाफ राज्य के पूर्व मुख्यमंत्री भगतसिंह कोश्यारी के नेतृत्व में मोर्चा खोले सूबे के लगभग दो दर्जन से अधिक विधायकों व मंत्रियों ने सोमवार को भी अपना अभियान जारी रखा। इन असंतुष्टों ने दिल्ली में पार्टी के आला नेताओं से मुलाकात की और खंडूरी को हटाने के लिए केंद्रीय नेतृत्व पर पुरजोर दबाव बनाने का प्रयास किया।

कोश्यारी के नेतृत्व में शनिवार को दिल्ली पहुंचे इन असंतुष्ट विधायकों व मंत्रियों ने सोमवार को पार्टी के संगठन महामंत्री रामलाल, वरिष्ठ नेता मुरली मनोहर जोशी और पार्टी महासचिव अरुण जेटली से अलग-अलग मुलाकात की। सूत्रों के मुताबिक ये असंतुष्ट नेता खंडूरी को हटाने पर अड़े हुए हैं।

इससे पहले असंतुष्ट नेताओं का संदेश लेकर उत्तराखंड सरकार के कृषि मंत्री त्रिवेन्द्र सिंह रावत ने पार्टी के शीर्ष नेता लालकृष्ण आडवाणी से मुलाकात की। सूत्रों के मुताबिक रावत ने मुख्यमंत्री खंडूरी का कच्चा चिट्ठा आडवाणी के सामने प्रस्तुत किया और साफ-साफ कहा कि मुख्यमंत्री के कामकाज से न तो पार्टी कार्यकर्ता संतुष्ट हैं और न ही राज्य की जनता।

सूत्रों के मुताबिक आडवाणी ने मुख्यमंत्री खंडूरी की स्वच्छ व ईमानदार छवि का हवाला देते उनका बचाव किया। साथ ही उन्होंने असंतुष्टों को राज्य में होने वाले पंचायत चुनावों तक चुपचाप रहने की सलाह दी, लेकिन असंतुष्टों ने इसे खारिज कर दिया।

असंतुष्ट गुट के एक नेता ने नाम न छापने की शर्त पर बताया, "हम खंडूरी को हटाने से कम में कोई समझौता नहीं करेंगे। पार्टी चाहे तो बिहार भाजपा में उठे बगावत से निपटने के लिए जिस वोटिंग प्रक्रिया का इस्तेमाल किया गया था, उसका इस्तेमाल उत्तराखंड के मामले में भी कर सकती है।"

उधर पार्टी प्रवक्ता राजीव प्रताप रूड़ी ने राज्य में नेतृत्व परिवर्तन की संभावनाओं से इंकार कर दिया। उन्होंने कहा, "उत्तराखंड के विधायक दिल्ली आए थे। उन्होंने पार्टी अध्यक्ष राजनाथ सिंह से भेंट की और उन्हें अपनी भावनाओं से अवगत कराया। पार्टी अध्यक्ष ने असंतुष्टों से उनकी भावनाओं का पूरा-पूरा ख्याल रखने का वादा किया है। राज्य में किसी प्रकार के परिवर्तन का सवाल ही नहीं है।"

उल्लेखनीय है कि असंतुष्ट विधायकों व मंत्रियों ने रविवार सुबह भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के अध्यक्ष राजनाथ सिंह से मुलाकात कर खंडूरी को हटाने की मांग की थी। राजनाथ से मिलने पहुंचने वालों में लगभग 21 विधायक व पांच मंत्री भी शामिल थे। विधायकों व मंत्रियों की इस असंतुष्ट टोली ने राजनाथ से मुलाकात के दौरान मुख्यमंत्री खंडूरी की कार्यप्रणाली की शिकायत की और जल्द से जल्द उन्हें हटाने की मांग की।

कोश्यारी लंबे समय से मुख्यमंत्री से नाराज चल रहे हैं। उनके नेतृत्व में इससे पहले भी असंतुष्टों ने मोर्चा खोला था लेकिन केंद्रीय नेतृत्व ने उनकी मांगों को नजरअंदाज कर दिया था। यह पहला मौका है कि खंडूरी के खिलाफ कोश्यारी ने खुलकर मोर्चा खोला है।

उत्तराखंड में वर्ष 2007 में जब विधानसभा चुनाव हुए थे तो भाजपा को 34 सीटें मिली थी। उत्तराखंड क्रांति दल के समर्थन से राज्य में जब भाजपा के सरकार बनाने की बारी आई तो मुख्यमंत्री पद को लेकर जबरदस्त खींचतान हुई थी। खंडूरी और कोश्यारी मुख्यमंत्री पद के दावेदार थे लेकिन केंद्रीय नेतृत्व के चहेते होने के कारण खंडूरी को मुख्यमंत्री की कुर्सी मिली थी।

इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।

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