रानी लक्ष्मी बाई की 4 फुट लंबी तलवार है आकर्षण का केंद्र

ग्वालियर, 18 जून (आईएएनएस)। महारानी लक्ष्मी बाई महान योद्धा थीं। तलवार बाजी में उनका कोई शानी नहीं रहा होगा और अपनी सुरक्षा के मामले में भी वे काफी सजग तथा सतर्क रही होंगी। ग्वालियर के बलिदान मेला में झांसी की रानी के हथियारों की प्रदर्शनी को देखकर यही आभास होता है।

महारानी लक्ष्मी बाई के समाधि स्थल के करीब 17 जून से शुरू हुई इस प्रदर्शनी में रानी के कुल 28 अस्त्रों का प्रदर्शन किया गया है। इसमें सबसे महत्वपूर्ण लगभग 4 फुट लम्बी रानी की वह तलवार भी है, जिससे उन्होंने सैकड़ों अग्रेजों के सिर कलम किए होंगे। इस प्रदर्शनी में ढाल, जिस्म बख्तर, सीना सुरक्षा प्लेट, दस्ताने, हेल्मेट, कटार, पंजा और छड़ी गुप्ती रिवॉल्वर की थ्री इन वन भी प्रदर्शित की गई हैं।

वैसे तो रानी के इन अस्त्रों को नगर निगम के संग्रहालय में रखा जाता है मगर रानी के बलिदान दिवस के मौके पर इनका सार्वजनिक प्रदर्शन किया जाता है। संग्रहालय के प्रमुख वसंत जैन बताते हैं कि रानी के ये अस्त्र -शस्त्र बाबा गंगादास के आश्रम से प्राप्त हुए थे। रानी अंग्रेजों का मुकाबला करते-करते बाबा के आश्रम में ही वीरगति को प्राप्त कर गई थीं। अंत में उनके अस्त्र-शस्त्र इसी आश्रम में रह गए थे।

रानी के अस्त्र-शस्त्र के प्रदर्शन का सिलसिला पिछले सात सालों से चल रहा है। जैन कहते हैं कि इस प्रदर्शन के जरिए नई पीढ़ी को रानी की गौरव गाथा से रूबरू कराने की कोशिश की जाती है ताकि वे यह जान सकें कि महारानी लक्ष्मी बाई किस तरह की योद्धा थीं और उन्होंने महिला होने के बावजूद अंग्रेजों से किस तरह से लोहा लिया था।

बलिदान दिवस के इस मेले में देश की आजादी की खातिर अपने प्राणों की आहूति देने वाले शहीदों का पुण्य स्मरण किया जाता है। साथ ही रानी लक्ष्मी बाई की समाधि स्थल पर विशेष कार्यक्रम होते हैं।

इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।

**

Notifications
Settings
Clear Notifications
Notifications
Use the toggle to switch on notifications
  • Block for 8 hours
  • Block for 12 hours
  • Block for 24 hours
  • Don't block
Gender
Select your Gender
  • Male
  • Female
  • Others
Age
Select your Age Range
  • Under 18
  • 18 to 25
  • 26 to 35
  • 36 to 45
  • 45 to 55
  • 55+