बिजली संकट से एनसीआर स्थित औद्योगिक इकाइयां परेशान
नई दिल्ली, 18 जून (आईएएनएस)। राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र (एनसीआर) स्थित औद्योगिक इकाइयों को अपर्याप्त बिजली आपूर्ति की वजह से जनरेटरों की खरीद में सालाना 14 अरब रुपये खर्च करना पड़ रहा है।
राजधानी में आयोजित एक कार्यक्रम के दौरान भारतीय उद्योग व वाणिज्य संगठन एसोचैम के महासचिव डी.एस. रावत ने कहा कि राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र में स्थित कुल 40 हजार औद्योगिक इकाइयां सालाना 35 करोड़ लीटर डीजल उपयोग में लाती है। यानी इन इकाइयों को प्रति महीने डीजल के लिए कुल 1.17 अरब रुपये खर्च करने पड़ते हैं।
रावत के अनुसार इन इकाइयों में 40 फीसदी उत्पादन जेनरेटर के माध्यम से होता है। बीपीओ इकाइयों द्वारा सर्वाधिक एक लाख 35 हजार रुपये जेनरेटरों के परिचालन के लिए प्रयुक्त डीजल के मद में खर्च हो रहा है।
इसी विषय पर मूल्यांकन रिपोर्ट जारी करते हुए रावत ने कहा कि राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र में औसतन 8 से 10 घंटे तक बिजली आपूर्ति बाधित रहती है जिसकी वजह से औद्योगिक इकाइयों को चार से छह जेनरेटर इस्तेमाल में लाने पड़ते हैं।
एसोचैम के मुताबिक औद्योगिक इकाइयों से इतर अगर इसमें एनसीआर स्थित 160 शापिंग मालों, 3,400 दुकानों व 260 अस्पतालों को शामिल कर लिया जाए तो डीजल की खपत के आंकड़े और भी ज्यादा हो सकते हैं।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।












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