पाक में तालिबानियों से हुआ शांति समझौता खटाई में पड़ने के आसार
पेशावर, 18 जून (आईएएनएस)। पाकिस्तान की हिंसा प्रभावित स्वात घाटी में तालिबान समर्थक आतंकवादियों ने सरकार पर पिछले महीने के शांति समझौते के क्रियान्वयन में विलंब का आरोप लगाते हुए उससे सभी संपर्क तोड़ने की मंशा जाहिर की है।
तालिबान प्रवक्ता मुस्लिम खान ने समाचार एजेंसी डीपीए को मंगलवार रात को बताया, "तालिबानी नेताओं की परिषद 'शूरा' ने सोमवार की बैठक में सरकार के साथ सभी संपर्क एक हफ्ते के लिए तोड़ने का फैसला लिया है। हम लोग अभी से ही अपने टेलीफोन के स्विच बंद कर रहे हैं।"
वर्ष 2007 के मध्य में मौलाना फजुल्लाह के नेतृत्व में इस्लामी आतंकवादियों ने स्वात घाटी पर कब्जे के लिए अभियान छेड़ा था।
पिछले वर्ष अक्टूबर में घाटी में आतंकवादी गतिविधियों पर काबू पाने के लिए सेना तैनात की गई थी। यहां हुए संघर्षो में अब तक सैंकड़ों लोग मारे जा चुके हैं।
पाकिस्तान की नई गठबंधन सरकार ने मार्च में घाटी के आतंकवादियों के साथ शांति वार्ता शुरू की थी। दोनों पक्षों के बीच 21 मई को एक समझौता भी हुआ था।
समझौते के तहत सरकार को क्षेत्र में इस्लामी कानून लागू करना था। इसके अलावा सरकार को क्षेत्र से चरणबद्ध तरीके से सेना हटाने, 15 दिनों के अंदर 75 कैदियों की रिहाई करने तथा एक इस्लामी विश्वविद्यालय की स्थापना करनी थी।
खान ने चेतावनी दी है कि यदि एक हफ्ते के भीतर इस दिशा में कोई प्रगति नहीं हुई, तो तालिबानी सरगना अगली बैठक में तय करेंगे कि इस शांति समझौते को बरकरार रखा जाए या नहीं।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।












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