आरुषि हत्याकांड : दुर्रानी दंपति का मनोवैज्ञानिक जांच (लीड-1)
नई दिल्ली, 18 जून (आईएएनएस)। नोएडा के बहुचर्चित आरुषि हत्याकांड मामले की जांच में जुटे केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) ने बुधवार को आरोपी राजेश तलवार (आरुषि के पिता) की मित्र दुर्रानी दंपति की मनोवैज्ञानिक जांच कराई।
सीबीआई के एक सूत्र ने बताया, "हमने दुर्रानी दंपति को पूछताछ के लिए बुलाया और बाद में उनका मनोवैज्ञानिक परीक्षण कराया ताकि उनके पहले के बयान को सत्यापित किया जा सके।"
इसके अलावा तलवार की नौकरानी भारती और ड्राइवर उमेश शर्मा से भी पूछताछ की गई। भारती से 45 मिनट तक पूछताछ की गई।
सीबीआई के एक अधिकारी ने कहा, "बैंक खाते के सत्यापन के लिए उमेश को बैंक ले जाया गया। आरुषि की मां नूपुर तलवार का खाता भी इसी बैंक में है। हालांकि नूपुर के खाते से सीबीआई को कुछ लेना-देना नहीं है।"
सीबीआई के एक अधिकारी ने बताया कि सुनील डोरे से परीक्षण के परिणामों के बारे में पूछा गया। डोरे उन दो डाक्टरों में हैं जिन्होंने दुर्रानी दंपति का मनोवैज्ञानिक परीक्षण किया था।
इस बारे में जब डोरे से संपर्क साधा गया तो उन्होंने कुछ भी बताने से इंकार कर दिया। उन्होंने कहा कि चूंकि मामले की अभी जांच चल रही है इसलिए इस बारे में कुछ भी कहना मुनासिब नहीं है।
उधर, सीबीआई द्वारा गिरफ्तार किए गए कृष्णा का बचाव करते हुए उसके वकील ने आज फिर दोहराया कि कृष्णा ने गवाह के तौर पर अपना जुर्म कबूल किया है न कि आरोपी के तौर पर।
ज्ञात हो कि मंगलवार को सीबीआई ने दावा किया था कि कृष्णा ने हत्याकांड में अपनी भूमिका कबूल कर ली है। कृष्णा आरुषि के डाक्टर पिता राजेश तलवार का कम्पाउंडर था।
कृष्णा के वकील एफ. सी. शर्मा ने कहा, "जैसा कि सीबीआई ने अदालत में कहा है कि कृष्णा ने आपराधिक दंड संहिता (सीआरपीसी) की धारा 161 के तहत इकबालिया बयान में अपना जुर्म कबूल किया है। इससे स्पष्ट है कि जांच एजेंसी ने उसे या तो गवाह के रूप में स्वीकार किया है या फिर अनुमोदक के रूप में।"
उन्होंने कहा कि सीआरपीसी की धारा 161 गवाहों के लिए लागू होती है जबकि 162 आरोपियों के लिए लागू होती है। चूंकि सीबीआई ने कृष्णा के मामले को 161 के तहत दर्ज किया है। इसलिए स्पष्ट है कि वह गवाह है न कि आरोपी।
बहरहाल, सीबीआई कृष्णा को 23 जून को अदालत में पेश करेगी।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।
*












Click it and Unblock the Notifications