बुंदेलखंड सहित पूरे उत्तरप्रदेश में रिकार्डतोड़ बारिश, बाढ़ की संभावनाएं
लखनऊ, 18 जून (आईएएनएस)। उत्तरप्रदेश में इस साल समय से पहले आए मानसून ने पिछले पांच सालों की बारिश का रिकार्ड तोड़ दिया है। प्रदेश के अकालग्रस्त क्षेत्र बुंदेलखंड में इस साल पिछले 10 सालों की तुलना में सामान्य से 1,100 प्रतिशत अधिक बारिश हुई है। आने वाले दिनों में मौसम विभाग ने प्रदेश में जोरदार बारिश की संभावनाएं जताई हैं।
लगातार हो रही बारिश से प्रदेश की नदियों के जलस्तर में काफी वृद्धि हो गई है, लेकिन अभी सारी नदियां खतरे के निशान से नीचे बह रही हैं। इसके बावजूद सरकार ने सभी बाढ़ संभावित जिलों को एलर्ट रहने के निर्देश दिए हैं।
पिछले चौबीस घंटों में सबसे ज्यादा बारिश बुंदेलखंड क्षेत्र के झ्झांसी जिले में 85 मिलीमीटर दर्ज की गई है। इसके अलावा बांदा में 56.2, महोबा में 20.0, हमीरपुर में 50.0, इलाहाबाद में 27.7, वाराणसी में 16.6, जौनपुर में 48.2, लखनऊ में 52.4 और बरेली में 36.4 मिलीमीटर बारिश दर्ज की गई है।
राजधानी लखनऊ स्थित आंचलिक मौसम विभाग के निदेशक एल. सी. राम ने आईएएनएस को बताया कि पांच जून से लेकर 18 जून के बीच में इतनी बारिश उत्तरप्रदेश में पिछले पांच सालों में नहीं हुई है।
उन्होंने बताया कि झ्झारखंड के दुमका में कम दबाव का क्षेत्र बना हुआ है। इसके चलते पूर्वी मध्यप्रदेश और दक्षिणी उत्तरप्रदेश में जोरदार बारिश की संभावनाएं हैं।
उत्तरप्रदेश में पिछले कई दिनों से हो रही बारिश से घाघरा, सरयू, गोमती और शारदा नदियों के जलस्तर बढ़ने से इन नदियों के तटीय इलाकों में बाढ़ का खतरा मंडराने लगा है।
मंगलवार देर शाम को प्रदेश के मुख्य सचिव अतुल कुमार गुप्ता ने राज्यस्तरीय राहत समिति की बैठक कर बाढ़ संभावित जिलों को एलर्ट रहने के निर्देश दिए हैं।
बहराइच के जिलाधिकारी सुधीर कुमार श्रीवास्तव ने बताया कि घाघरा नदी का जलस्तर खतरे के निशान से केवल एक मीटर नीचे है। उन्होंने बताया कि बाढ़ से निपटने के लिए प्रशासन ने पूरी तैयारियां कर ली हैं।
उधर फैजाबाद के जिलाधिकारी अनिल गर्ग ने आईएएनएस से बातचीत में कहा कि सरयू नदी का जलस्तर अभी खतरे के निशान से नीचे बह रहा है, लेकिन अगर लगातार इसी तरह कुछ दिन और बारिश हुई तो जलस्तर खतरे के निशान से ऊपर चला जाएगा।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।












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