झारखंड को अवैध खनन से हर वर्ष एक अरब रुपये का नुकसान
रांची, 18 जून (आईएएनएस)। झारखंड सरकार और कोयला कंपनियों को हर वर्ष अवैध खनन की वजह से 106 करोड़ रुपये का चूना लग रहा है। खनन विभाग की ओर से बुधवार को जारी एक रिपोर्ट में यह जानकारी दी गई है।
इस रिपोर्ट में कहा गया है कि राज्य में अवैध खनन के धंधे में 45,000 लोग लगे हुए हैं, जिससे राज्य और कंपनियों को भारी नुकसान हो रहा है। इसके साथ-साथ अवैध खनिकों के स्वास्थ्य पर भी इसका बुरा असर पड़ता है। ऐसे लोगों की आयु औसतन सात वर्ष घट जाती है।
खनन विभाग ने रिपोर्ट में कहा कि ऐसे धंधे में संलिप्त लोग अवैध कोयला बेचने के लिए साइकिल का इस्तेमाल करते हैं। ये लोग हर वर्ष रिश्वत के तौर पर सुरक्षा गाडोर्ं और दूसरे संबद्ध व्यक्तियों को 5़ 56 करोड़ रुपये देते हैं और प्रत्येक दिन अवैध तरीके से 7515 टन कोयले का खनन होता है। इस तरह साल में 13़ 7 लाख टन कोयले की चोरी होती है।
झारखंड में तीन राष्ट्रीयकृत कोयला खनन कंपनियां खनन कार्य करती हैं। ये हैं- सेंट्रल कोलफील्ड लिमिटेड (सीसीएल), भारत कोकिंग कोलफील्ड लिमिटेड (बीसीसीएल) और इस्टर्न कोलफील्ड लिमिटेड (ईसीएल)। रिपोर्ट में कहा गया है कि बीसीसीएल के 95, सीसीएल के 31 और ईसीएल के 19 लीज लिए हुए इलाकों में अवैध खनन गतिविधियां जारी हैं।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।












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