गोरखा नेताओं की केंद्र से हस्तक्षेप मांग, आंदोलन समाप्त करने से इंकार
दार्जिलिंग, 18 जून (आईएएनएस)। अलग गोरखालैंड राज्य की मांग को लेकर अनिश्चितकालीन बंद का आह्वान करने वाले गोरखा जनमुक्ति मोर्चा (जीजेएम) के नेताओं ने बंद वापस लेने से इंकार करते हुए इस मामले में केंद्र से हस्तक्षेप की मांग की है।
दार्जिलिंग, 18 जून (आईएएनएस)। अलग गोरखालैंड राज्य की मांग को लेकर अनिश्चितकालीन बंद का आह्वान करने वाले गोरखा जनमुक्ति मोर्चा (जीजेएम) के नेताओं ने बंद वापस लेने से इंकार करते हुए इस मामले में केंद्र से हस्तक्षेप की मांग की है।
बंद के कारण दर्जिलिंग क्षेत्र में बुधवार को भी आम जनजीवन प्रभावित हुआ। दूसरी ओर पश्चिम बंगाल सरकार गोरखा नेताओं के साथ त्रिपक्षीय वार्ता और इस मुद्दे पर केंद्र से चर्चा करने के लिए तैयार हो गई है।
जीजेएम के महासचिव रोशन गिरि ने आईएएनएस को बताया, "हम वर्ष 1907 से ही अलग गोरखालैंड की मांग कर रहे हैं। एक सदी बीत जाने के बाद भी हमें अलग प्रशासनिक क्षेत्र भी नहीं दिया गया है। जब तक अलग राज्य की हमारी मांग पूरी नहीं हो जाती, हमारा प्रदर्शन लगातार जारी रहेगा।"
गिरि ने कहा, "मंगलवार को दार्जिलिंग जिमखाना में सर्वदलीय बैठक बुलाई गई थी, जिसमें पारित प्रस्ताव में बांग्ला भाषी संगठनों द्वारा सिलीगुड़ी में जीजेएम कार्यकर्ताओं पर हो रहे हमले का उल्लेख किया गया। बैठक में शामिल 13 दलों ने अलग गोरखालैंड की हमारी मांग का समर्थन किया।"
जीजेएम के आह्वान पर दार्जिलिंग क्षेत्र में सोमवार शाम से ही अनिश्चितकालिन बंद जारी है,जिससे आम जनजीवन पर काफी असर पड़ा है। पार्टी ने समर्थकों से राज्य के अन्य हिस्सों में भूख हड़ताल आयोजित करने की अपील की है।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।












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