चीन ने दलाई लामा पर नेपाल में तिब्बती विरोध को भड़काने का आरोप लगाया
काठमांडू, 17 जून (आईएएनएस)। चीन ने तिब्बत के निर्वासित बौद्ध गुरु दलाई लामा पर नेपाल में तिब्बत के समर्थन में चल रहे आंदोलन को भड़काने का आरोप लगाया है।
चीन का कहना है कि नेपाल की राजधानी काठमांडू में दलाई लामा का एक एजेंट यहां के कुछ संगठनों के नेताओं के साथ गुप्त बैठकें कर रहा है और यहां अशांति फैलाने का षडयंत्र रच रहा है।
नेपाल के सरकारी मीडिया को दिए एक साक्षात्कार में नेपाल स्थित चीन के राजदूत झेंग सियांगलिन ने दलाई लामा पर यह आरोप लगाए हैं।
चीनी राजदूत ने कहा कि भारत से चल रही तिब्बत की निर्वासित सरकार ने अपने एक नेता को हाल ही में काठमांडू भेजा है। तिब्बत की आजादी के लिए यह नेता नेपाल में चीन विरोधी गतिविधियों को अंजाम देने की रणनीति बना रहा है।
झेंग ने कहा कि तिब्बत में चल रही हिंसा का दौर तिब्बत को अलग करने का प्रयास है। तिब्बती आजादी नहीं चाहते। यह तो निर्वासित नेता दलाई लामा का षड़यंत्र है।
उन्होंने कहा कि 95 फीसदी लोग दलाई लामा को राजनीतिज्ञ मानते हैं न कि धार्मिक गुरु।
नेपाल सरकार से चीन लगातार आग्रह करता रहा है कि तिब्बत के समर्थन में काठमांडू में चल रहे विरोध को वह सख्ती से रोके।
उल्लेखनीय है कि चीन के निमंत्रण पर हाल ही में नेपाल के पूर्व उपप्रधानमंत्री भरत मोहन अधिकारी सहित नेपाल के पत्रकारों, और वरिष्ठ राजनीतिकों का एक प्रतिनिधिमंडलचीन की यात्रा पर गया था।
माओवादी नेता व सूचना व प्रसारण मंत्री कृष्णबहादुर महारा भी हाल ही में चीन के दौर पर गए थे। चीनी सरकार ने नेपाली माओवादियों के सबसे बड़े नेता प्रचंड को भी चीन आने का निमंत्रण भेजा है।
सोमवार को नेपाल की गठबंधन सरकार के एक घटक नेपाल वर्कर्स एंड पीजेंट्स पार्टी ने काठमांडू घाटी में एक कार्यक्रम का आयोजन किया और 'एकल चीन' की नीति का समर्थन किया।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।












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