चीनी की मिठास अभी बढ़ेगी
नई दिल्ली, 17 जून (आईएएनएस)। मानसून के आगमन की वजह से मांग में आई कमी व मिलों द्वारा बफर स्टाक की चीनी को खुले बाजार में निकालने की आपाधापी को लेकर चीनी की मिठास और बढ़ सकती है।
नई दिल्ली, 17 जून (आईएएनएस)। मानसून के आगमन की वजह से मांग में आई कमी व मिलों द्वारा बफर स्टाक की चीनी को खुले बाजार में निकालने की आपाधापी को लेकर चीनी की मिठास और बढ़ सकती है।
बीते सप्ताह चीनी की कीमत हालांकि कमोबेश स्थिर रही। स्थानीय बाजार में मंगलवार को हाजिर चीनी 1,535-1,615 रुपये प्रति 100 किलो दर्ज की गई। कारोबारियों के अनुसार देश के विभिन्न हिस्सों में मानसून के आगमन से चीनी की मांग में कमी आई है और थोक विक्रेता चीनी की खरीद से बच रहे हैं। इसकी वजह भंडारण व रखरखाव की समस्या है।
मिल मालिकों को फिलहाल जुलाई-सितंबर के लिए जारी होने वाले फ्री सेल कोटे के तहत सरकार की तरफ से जारी किए जाने वाले चीनी के तिमाही कोटे का इंतजार है। इससे पूर्व सरकार ने जून के लिए 13.5 लाख टन चीनी का कोटा जारी किया था।
कमोडिटी विशेषज्ञ एन. भूषण के अनुसार मिलों द्वारा 20 लाख टन चीनी के बफर स्टाक को बाजार में निकालने से आपूर्ति में और बढ़ोतरी होगी जिसके फलस्वरूप कीमतों में नरमी आएगी।
नेशनल फेडरेशन आफ शुगर कोआपरेटिव फैक्टरीज के प्रबंध निदेशक विनय कुमार के अनुसार सितंबर 31 को समाप्त हो रहे गन्ना वर्ष के दौरान चीनी का उत्पादन 7 फीसदी गिरकर 2.62 करोड़ टन रह सकता है। अक्टूबर 2007 से मई 2008 के दौरान चीनी का उत्पादन 6 फीसदी की गिरावट के साथ 2.54 करोड़ टन रह गया है।
उधर कृषि मंत्रालय से जारी आंकड़ों के अनुसार देश में गत शुक्रवार तक कुल 38.7 लाख हैक्टेयर क्षेत्रों में गन्ने की बुआई की गई थी। पिछले वर्ष की समान अवधि के दौरान 40.1 लाख हैक्टेयर क्षेत्रों में गन्ने की बुआई की गई थी। देश में गन्ने की बुआई जून व जुलाई में होती है जबकि कटाई अक्टूबर से शुरू होती है।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।
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