आईएईए के साथ समझौते को लेकर वामदलों ने सरकार के अनुरोध को ठुकराया (लीड-2)
नई दिल्ली, 17 जून (आईएएनएस)। भारत-अमेरिका परमाणु समझौते को क्रियान्वित करने से पहले अंतर्राष्ट्रीय परमाण ऊर्जा एजेंसी (आईएईए) के साथ सेफगार्ड समझौते को पूरा करने के लिए समर्थन की सरकारी अपील को वाम दलों ने खारिज कर दिया है।
वाम दलों के सूत्रों ने मंगलवार को कहा कि परमाणु समझौते को लेकर गठित संयुक्त प्रगतिशील गठबंधन (यूपीए)-वाम समन्यव समिति की बुधवार को होने वाली बैठक में वाम दलों ने अपने पुराने रुख पर कायम रहने का फैसला किया है।
मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी (माकपा) के सूत्रों ने बताया कि परमाणु समझौते पर वाम दल अपने रवैये में कोई बदलाव नहीं करेंगे।
माकपा के एक नेता ने कहा कि यदि हम समझौते पर आगे बढ़ने की अनुमति देते हैं तो जनता के सामने क्या मुंह दिखाएंगे। यह हमारे लिए राजनीति तबाही होगी।
इससे पहले विदेश मंत्री प्रणब मुखर्जी ने आईएईए के साथ 'सेफगार्ड समझौते' को अंतिम रूप देने में वामदलों का सहयोग सुनिश्चित करने के लिए सोमवार रात माकपा महासचिव प्रकाश करात के साथ मुलाकात की थी।
माकपा नेता सीताराम येचुरी ने मंगलवार को संवाददाताओं से कहा, "सरकार अपना सुझाव बुधवार को बैठक में रखेगी। हम इस संबंध में चर्चा करेंगे। आईएईए समझौते पर हमारा रुख तय है और परमाणु समझौते को हम 'ओटोपॉयलट' पर रखना चाहते हैं।
उन्होंने कहा, "यदि सेफगार्ड समझौता हो जाता है तो इसका अर्थ हुआ कि समझौते पर काम प्रारंभ हो गया है। दरअसल, हम अमेरिका के साथ असैन्य परमाणु समझौते को लागू नहीं करना चाहते हैं।"
विश्वस्त सूत्रों के अनुसार सोमवार रात हुई बैठक में मुखर्जी ने 'सेफगार्ड समझौते' को अंतिम रूप देने में वामदलों के समर्थन की आवश्यकता दोहराई। दरअसल, आईएईए के महानिदेशक मोहम्मद अल बरदई के जुलाई में खत्म हो रहे कार्यकाल से पहले इसे अंतिम रूप दिया जाना जरूरी है।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।
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