मानसून का असर, असम, बिहार और उड़ीसा बाढ़ की चपेट में (लीड-1)

नई दिल्ली, 17 मई (आईएएनएस)। देश भर में समय से पूर्व मानसून के आने से किसानों और आम आदमी के चेहरे पर खिली मुस्कान अब उदासी में तब्दील होने लगी है। भारी बारिश के कारण पूरबी भारत-असम, उड़ीसा और बिहार में बाढ़ का खतरा पैदा हो गया है वहीं उत्तर प्रदेश के बुंदेलखंड इलाके में करीब पांच सालों के बाद लोगों के चेहरे पर मुस्कान देखने के मिली है।

असम में भारी बारिश के कारण बाढ़ की स्थिति खतरनाक हो गई है। मंगलवार को ब्रह्मपुत्र नदी में आए ताजा उफान के कारण आसपास के क्षेत्रों में बाढ़ का पानी भर गया है। इससे करीब 30 हजार लोग प्रभावित हुए हैं। इस तरह राज्य में बाढ़ और भू-स्खलन के कारण विस्थापित हुए लोगों की संख्या चार लाख 15 हजार से ज्यादा हो गई है, जबकि आठ लोगों की मौत हुई है। पड़ोसी राज्य अरुणाचल प्रदेश में भारी भू-स्खलन के कारण 19 लोगों की मौत हो गई है जबकि 15 घायल हुए हैं।

असम में एक सरकारी प्रवक्ता ने कहा कि लखीमपुर जिले में कम से कम 20 गांव ताजा बाढ़ से प्रभावित हुए हैं। मंगलवार को राज्य के मुख्यमंत्री तरुण गोगोई ने बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों का हवाई सर्वेक्षण किया। उन्होंने कहा कि अधिकारियों को राहत और पुनर्वास के लिए हर संभव प्रयास करने को कहा गया है।

उधर, उड़ीसा के उत्तरी इलाकों में भारी वर्षा के कारण राज्य की छह नदियों का जलस्तर बढ़ गया है और बाढ़ का खतरा उत्पन्न हो गया है। राज्य राजस्व नियंत्रण कक्ष के एक अधिकारी डी. एन. साहू ने आईएएनएस को बताया, "पिछले दो दिनों से लगातार हो रही बारिश से बुद्धबालंगा, ब्राह्मणी, सुवर्णरेखा, जालका, कंसाबंसा और सोन नदी के जलस्तर में भारी वृद्धि हुई है।"

जालका नदी का जलस्तर बालासोर जिले में खतरे के निशान को पार कर चुका है। साहू ने कहा कि मंगलवार सुबह आठ बजे जालका का जलस्तर 6.41 मीटर दर्ज किया गया था, जबकि खतरे का निशान 5.50 मीटर है।

जिलाधिकारी ए. के. पधीरे ने कहा, "बाढ़ की आशंका के मद्देनजर हमने राहत सामग्रियों को तैयार रखा है और राहत कर्मचारियों को भी विभिन्न क्षेत्रों में तैनात कर दिया है।"

इस बीच, नेपाल के तराई इलाके में हुई लगातार बारिश से बिहार में नदियां ऊफान पर हैं। बिहार के बाल्मीकि नगर गंडक बैराज से सोमवार को बड़ी मात्रा में पानी छोड़े जाने से पश्चिम चंपारण के कई गांव के लोग प्रभावित हुए हैं। ठकराहा प्रखंड के बहेलिया गांव के 50 से अधिक घर जलमग्न हो गये हैं। यहां के ग्रामीणों को सरकार ने गांव खाली करने का आदेश दिया है।

बगहा के अनुमंडल पदाधिकारी इमानुल हक ने आज आईएएनएस को बताया कि सोमवार को बैराज से एक लाख 40 हजार क्यूसेक पानी छोड़ा गया है। इसके पूर्व भी 60 क्यूसेक पानी छोड़ा गया था। श्री हक ने माना कि बड़ी मात्रा में पानी छोड़े जाने से गंडक नदी में बाढ़ की स्थिति उत्पन्न हो गई है। उन्होंने बताया कि गंडक के तेज बहाव एवं कटाव के कारण बाढ़ निरोधी कार्य संभव नहीं हो पा रहा है।

गंडक में बाढ़ आने से दियारा का इलाका भी जलमग्न हो गया है। इस कारण धनहा विधानसभा क्षेत्र के चार प्रखंडों का निचला इलाका डूब गया। उधर, रक्सौल में कलिकापुर व धनहर गांव के पास तिलावे नदी का तटबंध टूट जाने से कई गांवों में बाढ़ का पानी प्रवेश कर गया है। इधर, इन इलाकों में तटबंधों की सुरक्षा के निर्देश दिए गए हैं। जल संसाधन विभाग के सचिव अजय नायक ने बताया कि बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों के मुख्य अभियंताओं को क्षतिग्रस्त तटबंध की सुरक्षात्मक व्यवस्था सुनिश्चित करने को कहा गया है।

इधर, कहर से इतर पांच वर्षो से सूखा झेल रहे दक्षिण-पूर्वी उत्तरप्रदेश के बुंदेलखंड इलाके में इस बार मानसून की शुरुआत में ही बारिश हुई है जिससे यहां की सूखी धरती पानी से तर हो गई है।

उल्लेखनीय है कि बुंदेलखंड के छह जिलों में सूखे के कारण पिछले दिनों राजनीति गरमा गई थी।

चित्रकूट जिले के माणिकपुर गांव के एक किसान हरिशंकर ने आईएएनएस से कहा कि गत पांच सालों में पहली बार यहां बारिश हुई है। इस कारण उन्होंने बीते चार दिनों से पानी में भींगने का खूब लुत्फ उठाया है।

शंकर ने कहा कि अगर इस बार पर्याप्त बारिश हो जाती है, तो यहां के लोगों को सरकार की सूखा पैकेज घोषणा के इंतजार करने की जरूरत नहीं रहेगी।

चित्रकूट जिले के लालपुर गांव के एक निवासी श्लोक कुमार मिश्रा ने आईएएनएस को फोन पर बताया कि यह बारिश अखंड रामायण के पाठ से ही संभव हो पाई है। अभी यह पाठ जारी रहेगा।

मौसम विभाग के मुताबिक झांसी जिले में सामान्य तौर पर 8.9 मिमी बारिश होती है पर इस बार 23.2 फीसदी बारिश हुई है। ऐसी ही बारिश अन्य जिलों में भी हुई है।

इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।

*

Notifications
Settings
Clear Notifications
Notifications
Use the toggle to switch on notifications
  • Block for 8 hours
  • Block for 12 hours
  • Block for 24 hours
  • Don't block
Gender
Select your Gender
  • Male
  • Female
  • Others
Age
Select your Age Range
  • Under 18
  • 18 to 25
  • 26 to 35
  • 36 to 45
  • 45 to 55
  • 55+