अवैज्ञानिक दृष्टिकोण रखते हैं अधिकांश नेता : भारतीय वैज्ञानिक
नई दिल्ली, 17 जून (आईएएनएस)। राजनेताओं के बारे में तो लोगों की राय वैसे ही अच्छी नहीं होती, एक ताजा अध्ययन ने उनकी छवि यह कहकर और बिगाड़ दी है कि ज्यादातर राजनेताओं का दृष्टिकोण अवैज्ञानिक होता है।
नई दिल्ली, 17 जून (आईएएनएस)। राजनेताओं के बारे में तो लोगों की राय वैसे ही अच्छी नहीं होती, एक ताजा अध्ययन ने उनकी छवि यह कहकर और बिगाड़ दी है कि ज्यादातर राजनेताओं का दृष्टिकोण अवैज्ञानिक होता है।
'ट्रिनिटी कालेज आफ दि यूएस' ने गैर सरकारी संगठन 'सेंटर फार इंक्वोइरी (सीएफआई) इंडिया' की मदद से 1,100 भारतीय वैज्ञानिकों की राय पर आधारित 'वर्ल्डव्यूज एंड ओपिनियन आफ साइंटिस्ट्स इन इंडिया' नामक एक अध्ययन किया। इसमें पाया गया कि राजनेताओं को विज्ञान की जानकारी बहुत कम होती है।
सर्वेक्षण में शामिल 1,100 वैज्ञानिकों ने भारतीय राजनेताओं को सात में से मात्र 1.9 अंक दिए। उनका कहना है कि स्कूली शिक्षक इन राजनेताओं से ज्यादा वैज्ञानिक होते हैं।
अध्ययन में वैज्ञानिक साक्षरता की फेहरिस्त में स्कूली शिक्षकों को सबसे ऊपर और राजनेताओं को सबसे आखिरी में रखा गया है। मजे की बात है कि इस फेहरिस्त में मीडियाकर्मियों को युवकों के ठीक नीचे तीसरे स्थान पर जबकि युवतियों को चौथे स्थान पर रखा गया है।
शिक्षकों को सबसे अधिक सात में 3.6 अंक मिले हैं जबकि मीडियाकर्मियों को 3.1 अंक मिले। 3.4 अंक लेकर युवा पुरुष इस फेहरिस्त में दूसरे स्थान पर रहे जबकि वैज्ञानिकों ने सभी भारतीयों को औसतन 2.3 अंक दिए हैं।
वैज्ञानिकों का कहना है कि सरकारी अधिकारी और विभिन्न कारोबारों में लगे लोग भी राजनेतओं की तुलना में वैज्ञानिक सिद्धांतों के प्रति कहीं ज्यादा गंभीर होते हैं।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।












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