'परमाणु हथियारों को आतंकवादियों तक पहुंचने से रोकने में अमेरिका विफल'
वाशिंगटन, 17 जून (आईएएनएस)। अमेरिकी खुफिया विभाग के एक वरिष्ठ अधिकारी का कहना है कि परमाणु हथियारों को आतंकवादियों के हाथों तक पहुंचने से रोकने के लिए पर्याप्त प्रयास नहीं हो रहे हैं, जबकि अन्य लोग परमाणु हथियारों की कालाबाजारी से जुड़े पाकिस्तान के परमाणु वैज्ञानिक अब्दुल कदीर खान के कुख्यात अंतर्राष्ट्रीय नेटवर्क संबंधी नए खुलासे को ज्यादा अहमियत नहीं दे रहे हैं।
वाशिंगटन, 17 जून (आईएएनएस)। अमेरिकी खुफिया विभाग के एक वरिष्ठ अधिकारी का कहना है कि परमाणु हथियारों को आतंकवादियों के हाथों तक पहुंचने से रोकने के लिए पर्याप्त प्रयास नहीं हो रहे हैं, जबकि अन्य लोग परमाणु हथियारों की कालाबाजारी से जुड़े पाकिस्तान के परमाणु वैज्ञानिक अब्दुल कदीर खान के कुख्यात अंतर्राष्ट्रीय नेटवर्क संबंधी नए खुलासे को ज्यादा अहमियत नहीं दे रहे हैं।
वाशिंगटन में सोमवार को एक कार्यक्रम में ऊर्जा मंत्रालय के खुफिया विभाग के निदेशक रॉल्फ मोवैट लार्सेन ने कहा, "परमाणु हथियारों को आतंकवादियों के हाथों में जाने से रोकने के लिए हमें तुरंत कदम उठाने की आवश्यकता है।"
अंतर्राष्ट्रीय परमाणु ऊर्जा एजेंसी (आईएईए) के अनुसार वर्ष 1993 से अभी तक परमाणु हथियारों से संबंधित तस्करी की 1300 घटनाएं प्रकाश में आ चुकी हैं, जिनमें से 19 घटनाएं हथियार बनाने में काम आने वाले यूरेनियम या प्लूटोनियम के हस्तांतरण से संबंधित हैं।
लार्सेन ने कहा, "परमाणु सामग्री की तस्करी की घटनाएं इसी बात का इशारा करती हैं कि हम सामूहिक रूप से इसे आतंकवादियों के हाथों तक पहुंचने से रोकने के लिए आवश्यक कदम नहीं उठा रहे हैं।"
गौरतलब है कि अमेरिकी समाचार पत्र 'वाशिंगटन पोस्ट' और 'न्यूयार्क टाइम्स' ने हाल ही में अब्दुल कदीर के तस्करी नेटवर्क द्वारा अत्याधुनिक परमाणु हथियारों से जुड़ी जानकारियां ईरान, उत्तर कोरिया और अन्य देशों को पहुंचाने की आशंका जताई गई थी।
वहीं दूसरी ओर इस रिपोर्ट पर सोमवार को विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता गोंजालो गाल्लेगोस ने प्रतिक्रिया देने से इंकार किया। उन्होंने कहा, "मैं इस संबंध में कुछ नहीं कहूंगा।" राष्ट्रपति के सुरक्षा सलाहकार स्टीफन हेड्ले ने भी इस संबंध में प्रतिक्रिया नहीं दी।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।












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