'नाबालिग अगर कानून तोड़ें तो माता-पिता को भी मिले दंड' (लीड)
नई दिल्ली, 17 जून (आईएएनएस)। केंद्रीय महिला एवं बाल विकास मंत्री रेणुका चौधरी ने कहा है कि नाबालिग अगर गाड़ी चलाते हैं और कानून तोड़ते हैं तो इसके लिए माता-पिता को भी दंडित किया जाना चाहिए।
चौधरी ने मंगलवार को महिला एवं बाल विकास मंत्रालय के सूचना व सुविधा केंद्र का शास्त्री भवन में उद्घाटन किया।
इस अवसर पर चौधरी ने कहा कि सड़क पर कानून का उल्लंघन करने के मामले में सड़क परिवहन मंत्रालय को एक पत्र लिखा जाएगा। इसमें मांग की जाएगी कि वैसे माता-पिता के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाए जिनके बच्चे कानून तोड़ते हैं।
चौधरी दिल्ली-गुड़गांव एक्सप्रेसवे पर हाल में हुई एक दुर्घटना पर प्रतिक्रिया जता रही थीं। उनका कहना था कि दुर्घटना में मरने वालों में सिद्धार्थ, करण और दिवांशु की उम्र महज 16 साल थी। इतना ही नहीं इनके पास ड्राइविंग लाइसेंस भी नहीं था।
उन्होंने कहा कि कम उम्र के बच्चों की गलतियों के लिए इनके माता-पिता जिम्मेदार हैं जो इन्हें गाड़ी चलाने और शराब पीने जैसी गलतियां करने की इजाजत दे देते हैं।
चौधरी ने यह भी कहा कि अगर इसके लिए जरूरत पड़े तो सड़क परिवहन मंत्रालय को अपने कानून में तब्दीली भी लाना चाहिए।
उल्लेखनीय है कि यह सुविधा केंद्र मंत्रालय की विविध योजनाओं और कार्यक्रमों की जानकारियां उपलब्ध कराएगा।
पर्यटन तथा संस्कृति मंत्रालय से मिली जानकारी के मुताबिक इस मंत्रालय के तहत नई पत्रिकाओं व केंद्रीय सामाजिक कल्याण बोर्ड, महिला राष्ट्रीय आयोग, एनआईपीसीसीडी, एनसीपीसीआर, केंद्रीय अधिग्रहण स्रोत एजेंसी और राष्ट्रीय महिला कोष जैसे विभिन्न संगठनों से अन्य सूचना पत्रिका की प्रतियां भी प्रदान करेगा। चौधरी ने कहा कि आम लोग सरकारी कार्यक्रमों एवं नीतियों के बारे में अपने परामर्श एवं प्रतिक्रिया भी दे सकेंगे।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।












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