आरबीआई ने किया आवास ऋणों से संबंधित शर्तो में बदलाव

मुंबई, 16 जून (आईएएनएस)। भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) ने सोमवार को आवास ऋणों से संबंधित शर्तो में बदलाव की घोषणा की।

इसके तहत बैंक ने शहरी सहकारी बैंकों (यूसीबी) द्वारा दिए जाने वाले आवास ऋणों के मामले में जोखिम वहन करने की सीमा में बदलाव किया गया है।

जोखिम वहन करने की सीमा से संबंधित तंत्र के तहत एक ऐसी मानक व्यवस्था की गई है जिससे बैंकों द्वारा दिए जाने वाले ऋणों के मामले में जोखिम को आंका जाता है।

केंद्रीय बैंक से जारी बयान के अनुसार इस बात के निर्णय लिए गए हैं कि उन व्यक्तिगत आवास ऋणों को जिनके एवज में पर्याप्त आवासीय परिसंपत्ति सुरक्षित की गई हो को एलटीवी यानी लोन टू वैल्यू से संबंद्ध कर दिया जाए।

पिछले वर्ष बैंक ने 20 लाख रुपये तक के व्यक्तिगत आवासीय ऋणों के लिए जोखिम वहन करने की सीमा को 75 फीसदी से घटाकर 50 फीसदी तक करने की घोषणा की थी।

वित्त वर्ष 2008-09 की अपनी वार्षिक नीति में बैंक ने ऋण सीमा को 20 लाख रुपये से बढ़ाकर 30 लाख रुपये करने की घोषणा की थी।

जोखिम वहन करने के संबंध में जारी नए दिशा निर्देश के तहत बैंक ने शहरी सहकारी बैंकों को सूचित किया है कि 30 लाख रुपये तक की ऋण सीमा के लिए जोखिम वहन करने की सीमा 50 फीसदी जबकि 30 लाख रुपये से ऊपर के ऋण के लिए यह सीमा 75 फीसदी होगी।

इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।

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