भट्टाचारजी ने ठुकराया गोरखालैंड की मांग, अनिश्चितकालीन बंद शुरू (लीड-1)
कोलकाता, 16 जून (आईएएनएस)। उत्तरी पर्वतीय क्षेत्र दार्जिलिंग में गोरखा जनमुक्ति मोर्चा (जीजेएम) द्वारा आज शाम छह बजे से शुरू की गई अनश्चितकालीन बंद के बीच राज्य के मुख्यमंत्री बुद्धदेव भट्टाचारजी ने पृथक गारेखालैंड की मांग को ठुकरा दिया है।
भट्टाचारजी ने आज शाम संवादाताओं से बातचीत में कहा कि कल बुलाई गई सर्वदलीय बैठक में पृथक गारेखालैंड राज्य की मांग उठ सकती है लेकिन सरकार इस प्रस्ताव पर विचार नहीं करेगी।
मुख्यमंत्री के अनुसार राज्य के पर्वतीय क्षेत्रों में शांति और जनतांत्रिक माहौल के विकास के लिए सरकार जीजेएम समेत सभी संबंधित पार्टियों से बातचीत करने को तैयार है।
उधर, पश्चिम बंगाल के उत्तरी पर्वतीय क्षेत्र दार्जिलिंग में पृथक गोरखालैंड की मांग को लेकर आंदोलनरत गोरखा जनमुक्ति मोर्चा (जीजेएम) के आह्वान पर अनिश्चितकालीन बंद आज शाम छह बजे से शुरू हो गया।
पश्चिम बंगाल के उत्तरी पर्वतीय क्षेत्रों को लेकर एक अलग राज्य बनाए जाने की मांग कर रहे गोरखा जनमुक्ति मोर्चा के अध्यक्ष ने आज शाम अनिश्चितकालीन बंद की शुरुआत करते हुए कहा कि लोग कम से कम अगले 45 दिनों के लिए खाद्य व जरूरी वस्तुओं का स्टाक जुटा लें।
जीजेएम के महासचिव रोशन गिरि ने आईएएनएस को दूरभाष पर बताया कि राज्य के उत्तरी पर्वतीय क्षेत्रों में अनिश्चितकालीन बंद की शुरुआत हो गई है और हमारे कार्यकर्ताओं ने राज्य के अन्य क्षेत्रों से जोड़ने वाले तमाम रास्तों पर अवरोध खड़ा कर दिया है।
दार्जिलिंग जिले के तीन अनुमंडलों दार्जिलिंग, कुरसांग व कालिमपांग में शाम छह बजे से शुरू हुए इस बंद से चाय बागान, सिनकोना की बागवानी, विद्यालय व महाविद्यालय को अलग रखा गया है।
गिरि ने कहा कि जीजेएम के अध्यक्ष बिमल गुरांग ने लोगों से 45 दिनों तक के लिए खाद्य व जरूरी वस्तुओं का स्टाक जुटाने को कहा है लेकिन इसका मतलब यह नहीं है कि यह बंद 45 दिनों तक के लिए है, बंद पूरी तरह से अनिश्चितकालीन है।
जीजेएम ने जिले के मैदानी इलाकों सिल्लीगुड़ी, दूर्स व तराई को बंद से अलग रखा है लेकिन पार्टी द्वारा इन क्षेत्रों में भूख हड़ताल करने की घोषणा को लकर प्रशासन के साथ उसके तनाव बढ़ गए हैं।
गिरि ने कहा कि प्रशासन ने सिल्लीगुड़ी व दूर्स जैसे क्षेत्रों में चार या चार से ज्यादा व्यक्तियों के इकट्ठा होने पर प्रतिबंध लगाने के आदेश का मकसद पार्टी द्वारा भूख हड़ताल की घोषणा को विफल करना है। उनके अनुसार उनकी पार्टी सरकार के इन कदमों से डरने वाली नहीं है।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।
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