धान की अच्छी फसल के लिए लगातार वर्षा जरूरी : विशेषज्ञों की राय
नई दिल्ली, 16 जून (आईएएनएस)। मानसून का समय से पहले दस्तक देना महंगाई की समस्या से दो-चार हो रही सरकार के लिए अच्छी खबर हो सकती है, लेकिन विशेषज्ञों की राय है कि धान की जबर्दस्त फसल के लिए मानसून की लगातार मेहरबानी जरूरी है।
नई दिल्ली, 16 जून (आईएएनएस)। मानसून का समय से पहले दस्तक देना महंगाई की समस्या से दो-चार हो रही सरकार के लिए अच्छी खबर हो सकती है, लेकिन विशेषज्ञों की राय है कि धान की जबर्दस्त फसल के लिए मानसून की लगातार मेहरबानी जरूरी है।
दिल्ली स्थित 'नेशनल काउंसिल आफ अप्लाइड इकोनामी रिसर्च' (एनसीएईआर) के अर्थशास्त्री दलीप कुमार ने कहा, "मानसून का जल्दी आ जाना ठीक है, लेकिन इसे लगातार बने रहने की जरूरत है। जुलाई के बाद किसान जब धान की खेती शुरू करेंगे तब उन्हें लगातार बारिश की जरूरत होगी।"
कुमार ने आईएएनएस से कहा, "इस मानसून का फायदा तभी उठाया जा सकता है जब जुलाई, अगस्त और सितंबर में इसकी निरंतरता बनी रहे, क्योंकि ये तीन महीने देश में धान की खेती के लिए महत्वपूर्ण होते हैं। इस वर्ष मानसून के शुरुआती संकेत बेहतर हैं। हमें बेहतर भविष्य की उम्मीद करनी चाहिए।"
किसानों के प्रमुख संगठन 'कंजोर्टियम आफ इंडियन फार्मर्स एसोसिएशन' (सीआईएफए) के महासचिव पी. चेंगल रेड्डी इस बात से सहमत हैं कि अच्छे मानसून से पानी की उपलब्धता सुनिश्चित होती है, क्योंकि देश के 60 प्रतिशत फसलों की सिंचाई के लिए वर्षाजल पर ही निर्भर रहना यड़ता है।
उन्होंने कहा, "इस वर्ष किसानों की आमदनी बढ़ने की उम्मीद है, लेकिन यह याद रखना भी जरूरी है कि पिछले कुछ वर्षो के दौरान किसानों की लागत में 100 प्रतिशत की वृद्धि हो चुकी है।"
रेड्डी ने आईएएनएस से कहा कि सरकार ने डीजल की कीमत में तीन रुपये प्रति लीटर की बढ़ोतरी कर दी है। यह फैसला भी किसानों की आमदनी पर प्रतिकूल असर डालेगा।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।
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