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कमोडिटी बाजार तीन साल में दोगुने से ज्यादा : एसोचैम

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    नई दिल्ली, 15 जून (आईएएनएस)। 'एसोसिएटेड चैंबर्स आफ कामर्स एंड इंडस्ट्रीज आफ इंडिया' (एसोचैम) ने उम्मीद जताई है कि देश में आवश्यक वस्तुओं का बाजार वर्ष 2010 तक 74,156 अरब रुपये तक जा पहुंचेगा।

    एसोचैम के अध्यक्ष सज्जन जिंदल ने कहा, "देश में आवश्यक वस्तुओं का कारोबार प्रति वर्ष 30 प्रतिशत की दर से विकास कर अगले दो वर्षो के दौरान 74,156 अरब रुपये तक पहुंच सकता है।"

    एसोचैम ने एक अध्ययन में पाया कि पिछले पांच वर्षो के दौरान आवश्यक वस्तुओं का कारोबार लगभग 50 गुणा बढ़कर वर्ष 2007 में 33,753 अरब रुपये हो गया जो वर्ष 2002 में केवल 665.3 अरब रुपये था।

    वर्ष 2004 में सकल घरेलू उत्पाद में आवश्यक वस्तुओं के कारोबार की हिस्सेदारी जहां मात्र 4.7 प्रतिशत थी वहीं वर्ष 2007 में यह बढ़कर 20 प्रतिशत तक जा पहुंची। एसोचैम ने उम्मीद जताई कि निकट भविष्य में यह कारोबार और तेज गति से बढ़ेगा क्योंकि उपभोक्ताओं की इसमें रुचि बढ़ती जा रही है।

    जिंदल ने कहा, "दिसंबर 2007 में देश के विभिन्न कमोडिटी एक्सचेंजों में रोजाना 120 अरब से ज्यादा का कारोबार हो रहा था।"

    उन्होंने कहा कि इस दौरान 'मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज' (एमसीएक्स) में सोने, चांदी और कच्चे तेल का कारोबार, 'नेशनल कमोडिटी एंड डेरिवेटिव एक्सचेंज लिमिटेड' (एनसीडीईएक्स) में सोयाबीन के तेल, चीनी और सोयाबीन का कारोबार, और 'नेशनल मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज' (एनएमसीई) में काली मिर्च, रबर और कच्चे जूट का कारोबार सबसे ऊंचे स्तर पर रहा।

    एसोचैम के अध्ययन में पाया कि आवश्यक वस्तुओं के वायदा करोबार से इन वस्तुओं की कीमतों में पारदर्शिता बढ़ी है।

    इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।

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