मुद्रास्फीति पर काबू पाने के लिए कोई जादू की छड़ी नहीं : अहलूवालिया
नई दिल्ली, 15 जून (आईएएनएस)। योजना आयोग के उपाध्यक्ष मोंटेक सिंह अहलूवालिया का कहना है कि मुद्रास्फीति पर काबू पाने के लिए सरकार के पास कोई जादू की छड़ी नहीं है और यदि अंतर्राष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमते और बढ़ीं, तो उपभोक्ताओं को भी महंगे दाम चुकाने पड़ेंगे।
अहलूवालिया ने सीएनएन-आईबीएन टेलीविजन पर रविवार को प्रसारित होने वाले करन थापर के कार्यक्रम 'डेविल्स एडवोकेट' के दौरान कहा, "यदि तेल की कीमते यूं ही चढ़ती रहीं, तो सरकार को कुछ ना कुछ तो करना ही होगा।"
अहलूवालिया ने कहा कि उन्हें यह कहने में कोई हिचकिचाहट नहीं है, कि सरकार के पास मुद्रास्फीति पर काबू पाने के लिए कोई जादू की छड़ी नहीं है। उन्होंने कहा कि यदि आयात मूल्य बढ़ेगा, तो सरकार अनिश्चितकाल तक घरेलू उपभोक्ताओं को संरक्षण नहीं दे पाएगी।
उन्होंने कहा कि राजनीतिक दलों और आम जनता के विरोध के बावजूद ईंधन के दामों में कटौती नहीं होना इस बात का साफ संकेत है कि यदि कच्चे तेल की कीमते और बढ़ीं, तो यहां भी दाम और चढ़ सकते हैं।
उन्होंने जनता को संयम बरतने की सलाह देते हुए कहा कि मुद्रास्फीति की समस्या का हल चुटकियों में नहीं खोजा जा सकता। अहलूवालिया ने कहा कि वह बरसों तक नहीं, बल्कि कुछ ही महीने का इंतजार क रने को कह रहे हैं, उन्होंने कहा कि सितंबर-अक्टूबर तक मुद्रास्फीति के मामले हालात बेहतर होंगे।
अहलूवालिया का यह बयान उस समय आया है, जब 31 मई को समाप्त हुए सप्ताह में देश की मुद्रास्फीति की दर 8.75 फीसदी दर्ज की गई है। मुद्रास्फीति में बढ़ोतरी का आलम तब है, जब इसमें ईंधन की कीमतों में हाल की वृद्धि का असर सरकारी मूल्य सूचकांक पर पड़ना अभी बाकी है।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।












Click it and Unblock the Notifications