वैश्विक कीमतों व कम स्टाक की शह पर मजबूत रहा खाद्य तेल बाजार
नई दिल्ली, 14 जून (आईएएनएस)। खाद्य तेल के स्टाक में कमी व मजबूत वैश्विक कीमतों की शह पर घरेलू खाद्य तेल बाजारों में इस सप्ताह मजबूती देखी गई।
नई दिल्ली, 14 जून (आईएएनएस)। खाद्य तेल के स्टाक में कमी व मजबूत वैश्विक कीमतों की शह पर घरेलू खाद्य तेल बाजारों में इस सप्ताह मजबूती देखी गई।
कमोडिटी विशेषज्ञ एन. भूषण के अनुसार घरेलू बाजार में खाद्य तेल के स्टाक में आई कमी की वजह मध्य भारत स्थित पेराई मिलों का बंद होना है। सोयाबीन की कम आवक के चलते मिलों को पेराई बंद करनी पड़ी है। सीजन की समाप्ति के मद्देनजर बाजार में सोयाबीन का स्टाक भी तकरीबन समाप्त होने को है, जो कुछ बचा हुआ है उसे निकालने से स्टाकिस्ट कतरा रहे हैं।
देश में सोयाबीन की बुआई जून में शुरू और अक्टूबर में संपन्न होती है। मौजूदा फसल वर्ष के दौरान सोयाबीन के रकबे में 10 फीसदी की बढ़ोतरी का अनुमान लगाया गया है। पिछले वर्ष कुल 87 लाख हैक्टेयर क्षेत्रों में सोयाबीन की बुआई की गई थी। कृषि विशेषज्ञों के मुताबिक महाराष्ट्र, गुजरात, मध्यप्रदेश व अन्य दक्षिणी राज्यों में किसान इस वर्ष सोयाबीन की कीमतों में जारी तेजी के चलते इसकी खेती की ओर ज्यादा रुख कर सकते हैं।
एन. भूषण ने बताया कि आपूर्ति में कमी को देखते हुए कारोबारी फिलहाल स्टाक निकालने से कतरा रहे हैं ताकि अगस्त से शुरू होने वाले त्यौहारी सीजन के दौरान इसे निकालकर पर्याप्त मुनाफा अर्जित किया जा सके।
कारोबारियों के अनुसार सोया तेल में वायदा कारोबार पर प्रतिबंध की वजह से आयातक फिलहाल आयात से बच रहे हैं। इनकी माने तो कच्चे तेल की कीमतों में उछाल की वजह से बुरसा मलेशियन डेरीवेटिव्स (बीएमडी) व शिकागो बोर्ड आफ ट्रेड (सीबोट) में क्रूड पाम व सोया तेल की कीमतों में जारी तेजी से भी घरेलू खाद्य तेल बाजारों में मजबूती को समर्थन मिला है।
स्थानीय बाजार में सप्ताहांत सोया तेल 63 हजार आठ सौ रुपये प्रति टन के मुकाबले 65 हजार पांच सौ रुपये प्रति टन बिका। कच्चा पाम तेल 51 हजार रुपये प्रति टन के मुकाबले 52 हजार रुपये प्रति टन जबकि रिफाइंड पामोलिन तेल 58 हजार दो सौ रुपये प्रति टन के मुकाबले 57 हजार आठ सौ रुपये प्रति टन बिका।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।
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