• search

अरुणाचल में भूस्खलन से 14 मरे, असम के 120 गांवों में पानी भरा (लीड-1)

Posted By:
Subscribe to Oneindia Hindi
For Quick Alerts
ALLOW NOTIFICATIONS
For Daily Alerts

    इटानगर, 14 जून (आईएएनएस)। अरुणाचल प्रदेश में मानसून की भारी बारिश की वजह से शनिवार को हुई भूस्खलन की घटनाओं में कम से कम 14 लोगों की मौत हो गई और 30 घायल हो गए, जबकि असम के 120 गांवों में पानी प्रवेश कर गया है।

    सरकार के एक प्रवक्ता ने बताया कि राजधानी इटानगर के आसपास के पांच क्षेत्रों से जानमाल की क्षति की खबरें आई हैं।

    पापुम्परे के जिलाधिकारी बिदुल पयांग ने आईएएनएस को बताया कि हम लोगों ने तीन विभिन्न घटनास्थलों से 14 शवों को बरामद किया है, जिसमें छह शवों को राजधानी इटानगर के प्रमुख इलाके से बरामद किया गया है।

    उन्होंने कहा, "यहां अधिकतर लोगों की मौत घर के ऊपर पहाड़ी का मलबा ढहने से हुई है। अधिकारियों ने बताया कि भूस्खलन में कम से कम 30 लोग घायल हो गए हैं, जिसमें 10 की हालत गंभीर है।"

    पयांग ने बताया कि इटानगर के बाहरी क्षेत्र से ऐसी खबरें आई हैं कि वहां दो गाड़ियां गहरी खाई गिर गई हैं लेकिन भारी बारिश की वजह से अब तक राहतकर्मियों को घटनास्थल पर नहीं भेजा जा सका है।

    पयांग ने बताया कि फिलहाल हम लोगों को इस बात की जानकारी नहीं है कि उन दोनों गाड़ियों में कितने लोग सवार थे। अधिकारियों ने बताया कि भूस्खलन की वजह से देश के अन्य भागों से इटानगर का सड़क संपर्क टूट गया है।

    जानकारी के अनुसार उत्तर पूर्वी राज्यों में हो रही मानसून की भारी बारिश की वजह से असम के लखीमपुर जिले के 120 गांवों में बाढ़ की स्थिति उत्पन्न हो गई है।

    जिला पुलिस अधीक्षक एस. ए. करीम ने बताया कि भारी बारिश की वजह से तटबंधों में दरारें आ गई हैं, जिससे 120 गांवों में पानी प्रवेश कर गया है।

    इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।

    *

    जीवनसंगी की तलाश है? भारत मैट्रिमोनी पर रजिस्टर करें - निःशुल्क रजिस्ट्रेशन!

    देश-दुनिया की ताज़ा ख़बरों से अपडेट रहने के लिए Oneindia Hindi के फेसबुक पेज को लाइक करें

    Oneindia की ब्रेकिंग न्यूज़ पाने के लिए
    पाएं न्यूज़ अपडेट्स पूरे दिन.

    X
    We use cookies to ensure that we give you the best experience on our website. This includes cookies from third party social media websites and ad networks. Such third party cookies may track your use on Oneindia sites for better rendering. Our partners use cookies to ensure we show you advertising that is relevant to you. If you continue without changing your settings, we'll assume that you are happy to receive all cookies on Oneindia website. However, you can change your cookie settings at any time. Learn more