जाली दस्तावेजों के सहारे नौकरी खोजते हैं 85 फीसदी लोग
मुंबई, 14 जून (आईएएनएस)। कर्मचारियों की पृष्ठभूमि की जांच करने वाली एक कंपनी ने एक अध्ययन में पाया है कि नौकरी की तलाश में लगे लगभग 85 प्रतिशत लोग जाली दस्तावेजों का इस्तेमाल करते हैं।
यह अध्ययन 'फर्स्ट एडवांटेज' नामक कंपनी ने किया है। इसे दुनिया भर के 90,000 कंपनियों के कर्मचरियों की पृष्ठभूमि की जांच का अनुभव है।
कंपनी ने कहा कि वह नौकरी की तलाश में लगे लोगों और कर्मचारियों द्वारा कंपनी का भरोसा हासिल करने एवं नौकरी बचाए रखने के लिए जालसाजी पर अपनी पहली त्रैमासिक रिपोर्ट सार्वजनिक करने वाली है।
कंपनी के प्रबंध निदेशक (पश्चिम एशिया) आशिश देहादे ने आईएएनएस से कहा, "यह रिपोर्ट अगले सप्ताह सार्वजनिक कर दी जाएगी।"
उन्होंने कहा कि पिछले कुछ वर्षो के दौरान कर्मचारियों की भर्ती और उनके अनुबंध के मामले में उम्मीदवारों द्वारा उठाए जाने वाला जोखिम अप्रत्याशित रूप से बढ़ा है।
उनका कहना है कि चूंकि नौकरियों के लिए अब दुनिया के तमाम देशों के दरवाजे खुल गए हैं, इसलिए जाली दस्तावेज और नकली दावों का सहारा लेना बहुत आसान हो गया है।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।
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