बसपा ने दिया निषाद समाज के साथ होने का संकेत, जमुना प्रसाद से मिले दो मंत्री
लखनऊ , 13 जून (आईएएनएस)। उत्तरप्रदेश की मुख्यमंत्री मायावती के निर्देश पर राज्य के दो वरिष्ठ मंत्रियों नसीमुद्दीन सिद्दीकी और स्वामी प्रसाद मौर्य ने शुक्रवार को देवरिया जेल में बंद पूर्व मंत्री जमुना प्रसाद निषाद से मुलाकात की।
दोनों मंत्री आज हैलीकाप्टर से देवरिया पहुंचे और जेल में बंद निषाद से मुलाकात की। निषाद को 10 जून को लखनऊ पुलिस ने गिरफ्तार किया था। उन पर सात जून को समर्थकों के साथ महाराजगंज पुलिस स्टेशन पर उपद्रव करने और इस दौरान गोली चलने से एक सिपाही की मौत हो जाने के मामले में हत्या का मुकदमा दर्ज हुआ था।
दरअसल, निषाद का मामला अब जातीय राजनीति की दृष्टि से अहम् होता जा रहा है। चूंकि मामला निषाद जाति की एक लड़की के साथ बलात्कार होने का है और निषाद के साथ बिरादरी की खासी सहानुभूति है।
पुलिस द्वारा लड़की की पहले करायी गयी मेडिकल रिपोर्ट के बाद में गलत साबित होने से निषाद के उग्र समर्थकों के इस तर्क को बल मिलता है कि पुलिस बलात्कार के मामले को छेड़छाड़ की हल्की घटना में तब्दील करने में जुटी थी। थाना प्रभारी की बर्खास्तगी और मेडिकल करने वाले डाक्टर के निलंबन ही अपने आप में इस बात के प्रत्यक्ष प्रमाण हैं कि इस मामले में किस तरह की लीपापोती की गयी थी।
बसपा नेतृत्व इस बात को लेकर बेहद सतर्क है कि जमुना निषाद के मामले में निषाद बिरादरी में कोई विपरीत संदेश न जाए। यही कारण है कि मुख्यमंत्री मायावती ने स्वतंत्र प्रभार के राज्य मंत्री जमुना निषाद का इस्तीफा लेते ही धर्मराज निषाद को कैबिनेट मंत्री बनाया और इसी समाज के दो अन्य व्यक्तियों को राज्य मंत्री का दर्जा दिया।
इस कवायद का उद्देश्य निषाद समाज को यह संदेश देना था कि जमुना प्रसाद प्रकरण के बावजूद पार्टी समाज को महत्व देती रहेगी। इसी संदेश को और आगे बढ़ाने के लिए आज नसीमुद्दीन सिद्दीकी और स्वामी प्रसाद मौर्य ने जेल में जमुना निषाद से मुलाकात की।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।












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