सैनिकों की मौजूदगी की मियाद पर अमेरिका से मतभेद : मलिकी
अम्मान, 13 जून (आईएएनएस)। इराक के प्रधानमंत्री नूरी अल मलिकी ने कबूल किया है कि देश में अमरीकी सेना की लंबे अर्से से तक मौजूदगी के मसले पर उनकी सरकार के अमेरिका से मतभेद हैं।
गुरुवार को अपनी जार्डन यात्रा के दौरान मलिकी ने कहा कि अभी हमारे बीच 'सुरक्षा करार' नहीं हुआ है। इसके प्रारूप पर विचार विमर्श जारी है और उसे लेकर दोनों पक्षों में मतभेद हैं। मलिकी ने यह बात जार्डन के प्रधानमंत्री नादिर दहाबी के साथ संयुक्त संवाददाता सम्मेलन में कही।
मलिकी का करीबी समझे जाने वाले इराकी सांसद हसन अल सानिद ने कहा कि अमेरिका आतंकवाद के खिलाफ संघर्ष में पूर्ण अधिकार चाहता है, जो इराक की संप्रभुता की अनदेखी होगी।
इराक ने अमेरिका की अपने सैनिकों के खिलाफ इराकी कानूनों के तहत कार्रवाई से भी पूर्ण छूट प्रदान करने की मांग भी नामंजूर कर दी है।
दोनों पक्षों को जुलाई तक समझौते की उम्मीद है और वे अपने मतभेद मिटाने में जुटे हैं। इसके लिए इराक को अपनी आपत्तियां खत्म करनी होंगी और अमेरिका को आश्वासन देना होगा कि उसकी सेना वहां स्थायी रूप से नहीं रहेगी और वह इराकी सरजमीं से किसी पड़ोसी देश पर हमला नहीं करेगा।
इस बीच समाचार एजेंसी डीपीए के अनुसार, इराक में अमेरिकी सेना के प्रवक्ता मेजर जनरल केविन बर्नर ने संवाददाताओं को बताया कि अमेरिका की इराक में स्थायी ठिकाना बनाने की कोई मंशा नहीं है।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।












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