उप्र में सार्वजनिक-निजी भागीदारी के आधार पर बनेंगे जन सेवा केंद्र

लखनऊ, 13 जून (आईएएनएस)। भारत सरकार के 'नेशनल ई-गवर्नेस प्लान' के अंतर्गत राज्यों के ग्रामीण अंचलों में जन सेवा केंद्र की स्थापना की जा रही है। इन सेवा केंद्रों की स्थापना सार्वजनिक-निजी भागीदारी (पीपीपी)कार्यक्रम के तहत की जा रही है।

राज्य में कुल 17909 जन सेवा केंद्र बनाए जाएंगे, जिसमें 8118 'सहज जन सेवा केंद्रों' की स्थापना का कार्य राज्य सरकार ने 'श्रेयी ई-विलेज लिमिटेड' को सौंपा है।

प्रोजेक्ट हेड ऑपरेसन्स मेजर आशुतोष श्रीवास्तव ने बताया कि आईटी क्रांति के बाद सूचना प्रोद्यौगिकी के माध्यम से सामाजिक व ग्रामीण उत्थान का यह एक बहुत बड़ा कदम है। उन्होंने कहा कि देश भर में बनने वाले एक लाख जन सेवा केंद्रों में से 25,000 जन सेवा केंद्रों की स्थापना का कार्य 'श्रेयी ई-विलेज लिमिटेड' को मिला है। यह 'श्रेयी इंफ्रास्टेक्चर फाइनेंस लिमिटेड' की ग्रुप कंपनी है।

इस कार्यक्रम के लिए राज्य को दो भागों में बांटा गया है। लखनऊ जोन में कुल 4449 और वाराणसी जोन में 3669 जन सेवा केंद्रों की स्थापना होनी है और अप्रैल 2009 से ये जन सेवा केंद्र कार्य करना शुरू कर देंगे।

राज्य में प्रत्येक छह गावों में एक जन सेवा केंद्र स्थापित किया जाएगा, इनका संचालन विलेज लेवेल इंटरप्रीन्योर (वीएलई) के द्वारा फ्रेंचाइजी आधार पर किया जाएगा।

इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।

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