गुर्जर आरक्षण पर सकारात्मक रही बैठक, शनिवार को फिर होगी वार्ता (लीड-1)
जयपुर, 13 जून (आईएएनएस)। अनुसूचित जनजाति में शामिल किए जाने की मांग को लेकर आंदोलन कर रहे गुर्जर समुदाय की राजस्थान सरकार के साथ आज हुई बातचीत 'सकारात्मक' रही। इस समस्या के निपटारे के लिए शनिवार को दोनों पक्षों के बीच फिर बातचीत होगी।
बैठक के बाद भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) की राजस्थान इकाई के अध्यक्ष ओमप्रकाश माथुर ने संवाददाताओं को संबोधित करते हुए कहा, "दो घंटे से भी अधिक चली दूसरे दौर की बातचीत सकारात्मक रही।"
गुर्जरों से बातचीत के लिए गठित सरकारी प्रतिनिधिमंडल का नेतृत्व कर रहे भाजपा सांसद ओमप्रकाश अग्रवाल ने कहा, "दोनों पक्षों के बीच सौहार्दपूर्ण वातावरण में बातचीत हुई। हमने तय किया है कि अगले दौर की बातचीत शनिवार को 11 बजे की जाएगी।"
उन्होंने कहा, "मुझे उम्मीद है कि हम इस समस्या का शांतिपूर्ण समाधान ढूंढ लेंगे।"
गुर्जर प्रतिनिधिमंडल का नेतृत्व कर रहे जम्मू-कश्मीर विश्वविद्यालय के उप-कुलपति मसूद चौधरी ने कहा कि बातचीत के दौरान गुर्जर समुदाय ने अपनी समस्याएं सामने रखी। सरकार ने खुले दिमाग से हमारी बातें सुनी।
दूसरे दौर की बातचीत के बाद यह उम्मीद जगी है कि 22 दिनों से चल रहा यह गतिरोध अंतत: समाप्त होने की ओर बढ़ रहा है।
ज्ञात हो कि मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे और गुर्जर नेता के. एस. बैंसला इस बातचीत के हिस्सा नहीं हैं। गुर्जर संघर्ष आरक्षण समिति के 28 सदस्यीय प्रतिनिधिमंडल की नौ सदस्यीय सरकारी प्रतिनिधिमंडल के साथ वार्ताओं का दौर चल रहा है।
इससे पहले गुर्जर आंदोलन के दौरान गिरफ्तार की गई 24 गुर्जर महिलाओं की गुरुवार को हुई रिहाई के साथ ही गुर्जर समुदाय और राज्य सरकार के बीच बातचीत का रास्ता साफ हो गया था।
इन महिलाओं को छह जून को दौसा जिले के बांदीकुई से गिरफ्तार किया गया था। इन सभी पर रेलवे की संपत्ति को नुकसान पहुंचाने और हिसा भड़काने का आरोप था।
ज्ञात हो कि दोनों पक्षों में पिछले सोमवार को पहले दौर की बातचीत हुई थी। इस बातचीत में गुर्जर नेताओं ने तीन शर्ते रखी थी। पहली, आंदोलन के दौरान बंद गुर्जरों की रिहाई। दूसरा, गुर्जर बहुल क्षेत्रों में विद्युत आपूर्ति बहाल करना और तीसरा, गुर्जर इलाकों में पुलिसिया छापों पर तत्काल रोक लगाना।
दोनों पक्षों ने समझौता किया था कि पहले दौर की बातचीत बयाना में होने के बाद अगले दौर की बातचीत जयपुर में होगी। बयाना में हुई बातचीत में गुर्जरों के 37 सदस्यीय प्रतिनिधिमंडल ने हिस्सा लिया था जबकि सरकार की ओर से राजस्थान सरकार के खान मंत्री एल. एन. दवे, सिंचाई मंत्री सांवर लाल, सिंचाई सचिव व मुख्य वार्ताकार एस. एन. थानवी ने हिस्सा लिया था।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।
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