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पुराने अखबारों से चल रहा है बच्चों का थिएटर ग्रुप

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    चंडीगढ़, 12 जून (आईएएनएस)। पुराने अखबार आपके और हमारे लिए भले ही मायने न रखते हों, लेकिन झुग्गि-बस्तियों में रहने वाले बच्चों एक थिएटर ग्रुप के लिए यह काफी महत्वपूर्ण है। इसी की बदौलत वे अपना खर्च निकाल रहे हैं।

    चंडीगढ़, 12 जून (आईएएनएस)। पुराने अखबार आपके और हमारे लिए भले ही मायने न रखते हों, लेकिन झुग्गि-बस्तियों में रहने वाले बच्चों एक थिएटर ग्रुप के लिए यह काफी महत्वपूर्ण है। इसी की बदौलत वे अपना खर्च निकाल रहे हैं।

    इस थिएटर ग्रुप से जुड़े बच्चे कचरा बीनने, कार साफ करने, जूते-चप्पल ठीक करने और घरेलू कामकाज करते हैं। 'थिएटर एज' नाम के इस समूह का खर्च पुराने अखबारों की रद्दी बेचकर ही चलता है।

    'थिएटर एज' के अध्यक्ष जुल्फिकार खान कहते हैं, "ये बच्चे लोगों से पुराने अखबार इकट्ठा करके उसे कबाड़ियों को बेचते हैं। इससे एकत्र धन से ही हम अपना थिएटर ग्रुप चला रहे हैं।"

    इसी की बदौलत चंडीगढ़ की झुग्गी-बस्तियों में रहने वाले इन बच्चों की प्रतिभा को उजागर करने की कोशिश की जाती है। इनमें से कई बच्चे सरकारी स्कूलों में पढ़ते हैं।

    सेक्टर 25 की जनता कॉलोनी झुग्गी-झोपड़ी के 35 बच्चों के साथ 1992 में इस समूह की शुरुआत की गई थी। तभी से यह स्वच्छ वातावरण, कन्या भ्रूण हत्या, एड्स और नशे की लत से बचने जैसे विषयों को अपने नाटकों के जरिए दिखाने की कोशिश कर रहा है।

    इस थिएटर ग्रुप से निकले कई बच्चे आज अपने पैर पर खड़े हैं। एक किसी टीवी चैनल का मेकअप मैन है, एक सीमा सुरक्षा बल (बीएसएफ) में सिपाही है जबकि कई थिएटर वर्कशॉप चला रहे हैं।

    इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।

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