अभी श्रीलंका में भारत की कोई भूमिका नहीं : लिट्टे
नई दिल्ली, 12 जून (आईएएनएस)। श्रीलंका की नस्लीय समस्या के समाधान में भारत तब तक कोई सकारात्मक योगदान नहीं दे सकता जब तक कि वह तमिल टाईगर्स की स्वतंत्र राज्य की मांग के प्रति अपने नजरिये में बदलाव नहीं करता। यह कहना है एक विद्रोही नेता का।
नई दिल्ली, 12 जून (आईएएनएस)। श्रीलंका की नस्लीय समस्या के समाधान में भारत तब तक कोई सकारात्मक योगदान नहीं दे सकता जब तक कि वह तमिल टाईगर्स की स्वतंत्र राज्य की मांग के प्रति अपने नजरिये में बदलाव नहीं करता। यह कहना है एक विद्रोही नेता का।
आस्ट्रेलियाई तमिल रेडियो से बातचीत में लिबरेशन टाईगर्स ऑफ तमिल ईलम (लिट्टे) के वरिष्ठ नेता के. वी. बालाकुमारन ने कहा, "हमारा दुख यह है कि भारतीय नीति निर्माता तमिल लोगों के संघर्ष को देश की राजनीति लड़ाई के नजरिये से देखते हैं।"
उन्होंने कहा, "जब तक भारत की केंद्र सरकार यह नहीं मान लेती कि हमारी अपनी जन्म भूमि पर यह हमारे अस्तित्व की लड़ाई है तब तक वह कोई सकारात्मक और फलदायी भूमिका नहीं निभा सकती।"
बालाकुमारन के हवाले से तमिल समर्थक वेबसाइट 'तमिल नेट' ने कहा है, "भारत ने हमारे संघर्ष को अपने राष्ट्रीय राजनीतिक समीकरण का एक अभिन्न हिस्सा बना लिया है। एक राजनीतिक शतरंज की खेल की तरह। भारत वही नीति अपनाता है जो वहां के सत्ताधारी दल के हित में होता है।"
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।
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