ओलंपिक मशाल का सम्मान किया जाए : दलाई लामा
सिडनी, 12 जून (आईएएनएस)। तिब्बत के निर्वासित धर्मगुरु दलाई लामा ने गुरुवार को कहा कि तिब्बत के मामले पर भविष्य में चीनी के साथ होने वाली बातचीत को लेकर वे आशावादी हैं और उनकी इच्छा है कि ओलंपिक मशाल का सम्मान किया जाना।
सिडनी, 12 जून (आईएएनएस)। तिब्बत के निर्वासित धर्मगुरु दलाई लामा ने गुरुवार को कहा कि तिब्बत के मामले पर भविष्य में चीनी के साथ होने वाली बातचीत को लेकर वे आशावादी हैं और उनकी इच्छा है कि ओलंपिक मशाल का सम्मान किया जाना।
छह दिनों के आस्ट्रेलियाई दौरे पर गए दलाई लामा ने कहा, "हमलोग शुरू से ही चीन में होने वाले ओलंपिक खेल का समर्थन करते आ रहे हैं। चीन में रहने वाले मेरे एक अरब से अधिक भाई-बहनों को इस पर गर्व है और हम सबों को उनका सम्मान करना चाहिए।"
उल्लेखनीय है कि चीन की तिब्बत के प्रति नीतियों के विरोध में प्रदर्शनकारियों ने यूरोप, अमेरिका और एशिया में ओलंपिक मशाल रैली में बाधा उत्पन्न करने की कोशिश की थी। अब 19 जून से ल्हासा से बीजिंग तक के लिए पुन: ओलंपिक मशाल यात्रा शुरू होने वाली है।
दलाई लामा ने भविष्य में तिब्बत के मुद्दे पर चीन से होने वाली बातचीत के संबंध में कहा, "मैं पूरी तरह आशावादी हूं और चीन के प्रधानमंत्री हू जिंताओ ने भी बातचीत को लेकर गंभीरता दिखाई है। "
उन्होंने तिब्बत के लिए स्वायत्ता की मांग करते हुए कहा कि हृदय को जीत कर ही स्थिरता लाई जा सकती है, न की बंदूक की बदौलत।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।












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