आरबीआई ब्याज दरों में और वृद्धि कर सकता है
नई दिल्ली, 12 जून (आईएएनएस)। वैश्विक रेटिंग एजेंसी मूडी इन्वेस्टर्स सर्विस ने संभावना जताई है कि भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) ब्याज दरों में और वृद्धि की घोषणा कर सकता है। एजेंसी द्वारा घरेलू अर्थव्यवस्था में नरमी की आशंका भी व्यक्त की गई है।
देश में बढ़ रही महंगाई पर लगाम लगाने के लिए आरबीआई ने बुधवार को लिक्वि डिटी एडजस्टमेंट फैसिलिटी यानी तरलता आपूर्ति प्रबंधन (एलएएफ) के तहत रेपो रेट में चौथाई फीसदी यानी 25 बेसिस प्वाइंट की बढ़ोतरी की घोषणा की थी। अब यह 7.75 फीसदी से बढ़कर 8 फीसदी हो गई है। रेपो रेट वह ब्याज दर है जिसे अन्य बैंकों को केंद्रीय बैंक से प्राप्त उधार के लिए अदा करना होता है।
रेटिंग एजेंसी से जारी रिपोर्ट के अनुसार कड़े मौद्रिक उपायों का घरेलू खपत और निवेश पर पड़ने वाले संभावित नकारात्मक असर की वजह से मौजूदा वर्ष के दौरान घरेलू अर्थव्यवस्था की विकास दर में कमी आ सकती है।
'मूडी इकोनोमी डाट कॉम' के अनुसार वर्ष 2008 के दौरान घरेलू अर्थव्यवस्था की विकास दर वर्ष 2007 के 8.9 फीसदी के मुकाबले गिरकर 8 फीसदी तक आ सकती है।
एजेंसी ने अपने अनुमान के लिए कें द्रीय सांख्यिकी संगठन (सीएसओ) से आज जारी औद्योगिक उत्पादन आंकड़ों को भी मद्देनजर रखा है।
कें द्रीय सांख्यिकी संगठन (सीएसओ) से गुरुवार को जारी आंकड़ों के अनुसार अप्रैल 2008 के दौरान औद्योगिक उत्पादन में विकास की दर सात फीसदी रही। पिछले वर्ष की समान अवधि के दौरान औद्योगिक विकास दर 11.3 फीसदी रही थी। मार्च 2008 के दौरान औद्योगिक विकास दर 3.9 फीसदी दर्ज की गई थी।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।
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