मप्र के राष्ट्रीय उद्यानों में बाघों के लिए बनेंगी गुफाएं
भोपाल, 11 जून (आईएएनएस)। मध्यप्रदेश के बाघ संरक्षित राष्ट्रीय उद्यानों में बाघों के लिए गुफाएं बनाई जाएंगी और उनके संरक्षण के लिए कठोर कदम उठाए जाएंगे।
साथ ही पर्यटकों को आकृष्ट करने के लिए उद्यानों को भी आकर्षक बनाए जाने पर विचार किया जा रहा है।
राज्य के वन विभाग ने इस दिशा में पहल करते हुए एक रणनीति तैयार की है। यहां कान्हा, पैच, बांधवगढ़, सतपुड़ा और पन्ना में बाघों के संरक्षण के लिए राष्ट्रीय उद्यान बनाए गए हैं। इन उद्यानों में बाघों के संरक्षण और संवर्धन के प्रयासों के बावजूद उसकी की संख्या में इजाफा नहीं हो पाया है। अब तक बाघों का शिकार रोका नहीं जा सका है जो वन विभाग के लिए सबसे चिन्ता का विषय है।
इन्हीं विषयों पर विचार विमर्श के लिए वनमंत्री विजय शाह ने प्रदेश के टाइगर फाउंडेशन सोसाइटी एवं शासी निकाय की सोमवार शाम एक बैठक बुलाई थी। बैठक में राष्ट्रीय उद्यानों की स्थिति में सुधार किए जाने पर आम सहमती बनी, जिससे बाघों के संरक्षण के साथ-साथ पर्यटकों को भी आकर्षित किया जा सकेगा।
इसके लिए उद्यानों में बाघों के लिए गुफाएं जैसी संरचनाएं निर्मित करने और बाघों के शिकार को रोकने के लिए नियमित रात्रि गश्त पर बल दिया गया।
राष्ट्रीय उद्यान पैच में हाल ही में दस शावकों का जन्म हुआ है। इनको जीवित रखना उद्यान प्रबंधन के लिए सबसे बड़ी चुनौती है। वनमंत्री ने इन शावकों की सुरक्षा के लिए आवश्यक इंतजाम करने के भी निर्देश दिए हैं। बैठक में निर्णय लिया गया कि सभी राष्ट्रीय उद्यानों में टाइगर फाउंडेशन सोसाइटी की क्षेत्रीय इकाइयां स्थापित की जाएंगी।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।












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