भारत में बालश्रम आंकड़ों के आईने में
नई दिल्ली, 11 जून (आईएएनएस)। भारत में दुनिया के किसी भी देश की तुलना में सबसे अधिक 1.7 करोड़ बालश्रमिक हैं जबकि पूरी दुनिया में बालश्रमिकों की संख्या फिलहाल 24.6 करोड़ है जिसमें से 70 प्रतिशत की स्थिति दयनीय है।
स्वयं सेवी संस्था 'चाईल्ड राईट्स एंड यू' के मुताबिक देश में मौजूद बालश्रमिकों में से 19 प्रतिशत घरेलू नौकर हैं, 90 प्रतिशत ग्रामीण क्षेत्रों में हैं और 85 प्रतिशत असंगठित क्षेत्र के उद्योगों में हैं, जबकि लगभग 80 प्रतिशत बालश्रमिक कृषि क्षेत्र से जुड़े हुए हैं।
संस्था के मुताबिक बालश्रम में लगे 18 वर्ष से कम उम्र के 25 प्रतिशत बच्चे व्यावसायिक यौन शोषण के शिकार हैं।
संस्था का कहना है कि देश के लाखों बच्चे अपने परिवार के सदस्यों की आर्थिक मदद के लिए काम करते हैं। उनके घर वालों के बेरोजगार होने के कारण वे स्कूल जाना तो दूर खेलने और आराम करने के लिए भी समय नहीं निकाल पाते।
संस्था का कहना है कि कुछ गरीब परिवार ऐसे हैं जो अपने बच्चों को ठेकेदारों के हाथ बेच देते हैं जो उनसे होटलों और कोठियों में काम करवाते हैं।
बालश्रम रोकने के लिए देश में 'बालश्रम (सुरक्षा एवं विनियमन) अधियनिम 1986' की कानूनी व्यवस्था है। लेकिन इस कानून का प्रभाव केवल 15 प्रतिशत है।
(स्रोत : चाईल्ड राइट्स एंड यू)
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।












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