जापानी कंपनी डाईची सैंक्यो को हिस्सेदारी बेचेंगे रैनबैक्सी के प्रमोटर (लीड-1)
नई दिल्ली, 11 जून (आईएएनएस)। दवा बनाने वाली देश की सबसे बड़ी कंपनी रैनबैक्सी लेबोरेटरी के प्रमोटरों ने कंपनी में अपनी पूरी 34.8 प्रतिशत हिस्सेदारी जापानी कंपनी डाईची सैंक्यो को बेचने का फैसला किया है।
लगभग 8.9 अरब डालर का यह सौदा भारतीय दवा उद्योग क्षेत्र में अब तक का सबसे बड़ा सौदा साबित होगा। इस सौदे के बाद संयुक्त इकाई दवा बनाने वाली दुनिया की 15 वीं सबसे बड़ी कंपनी बन जाएगी, जिसकी उपस्थिति दुनिया के 22 देशों में है।
गौरतलब है कि मालविंदर मोहन सिंह और शिविंदर मोहन सिंह की स्वामित्व वाली कंपनी रैनबैक्सी लेबोरेटरीज में कंपनी के प्रमोटरों की हिस्सेदारी 34.8 प्रतिशत है जिसके लिए उन्हें 95.76 अरब रुपये (2.4 अरब डालर) मिलेंगे।
डाईची के साथ सौदे की पुष्टि करते हुए कंपनी के प्रबंध निदेशक मालविंदर सिंह ने कहा, "यह महत्वपूर्ण सौदा साबित होगा। इससे देश के दवा उद्योग का परिदृश्य बदल जाएगा।"
उन्होंने कहा कि इस सौदे के बाद वे कंपनी के मुख्य कार्यकारी आधिकारी और प्रबंध निदेशक के अलावा वह कंपनी के अध्यक्ष की जिम्मेदारी भी संभालेंगे।
उल्लेखनीय है कि दवा बनाने वाली जापानी कंपनी डाइची सैंक्यो ने पिछले महीने घोषणा की थी कि भारत में उसकी अनुषंगी कंपनी 'डाईची सैंक्यो इंडिया फार्मा' अपने कारोबार का विस्तार करेगी।
बताया जा रहा है कि इस सौदे से डायचे सैंक्यो को भारत में ही नहीं बल्कि अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर उन सभी देशों में भी कारोबार फैलाने का मौका मिलेगा जहां रैनबैक्सी की उपस्थिति है।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।












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