म्यांमार चक्रवात में 15 हजार की मौत (लीड-1)
यंगून, 5 मई (आईएएनएस)। म्यांमार में आए 'नरगिस' चक्रवात से वहां यंगून और इरावदी के क्षेत्रों में कम-से-कम 15 हजार लोगों के मारे जाने की सूचना है।
आधिकारिक सूत्रों ने सोमवार को यह जानकारी दी।
सूचना है कि इरावदी के क्षेत्र बोगाले में ही करीब 10 हजार लोग मारे गए हैं। निकटवर्ती लापुत्ता क्षेत्र में एक हजार लोगों के मारे जाने की सूचना है।
इससे पूर्व आधिकारिक तौर पर इरावदी क्षेत्र में मरने वालों की संख्या 3880 बताई गई थी। सूत्रों के अनुसार यंगून में 504 व्यक्ति लापता हैं।
इरावदी क्षेत्र में 20 हजार घर बर्बाद हो गए और 92 हजार लोग बेघर हुए हैं।
म्यांमार सरकार ने यंगून, बागो, इरावदी, कयिन और मोन क्षेत्रों को आपदाग्रस्त घोषित कर दिया है।
सरकार ने समस्या से निपटने के लिए एक राष्ट्रीय कमेटी का गठन किया है जो राहत और पुनर्वास के कार्य करेगी।
उधर बैंकॉक में संयुक्त राष्ट्र के मानवाधिकार मामलों के कार्यालय (यूएनओसीएचए) के स्थानीय निदेशक तर्जे स्कावडल ने कहा है कि म्यांमार के नेताओं की ओर से राहत कार्य शुरू करने के लिए अभी इजाजत नहीं दी गई है। उन्होंने कहा, "यह इस मामले की सीमा है, वैसे सरकार ने अभी तक न नहीं कहा है।"
आशंका जताई जा रही है कि म्यांमार की सैन्य सरकार बाहरी राहतकर्मियों को संभवत: देश के अंदर न आने दे। स्कावडेल ने कहा अभी नुकसान का सही आकलन नहीं किया जा सका है।
एक पूर्व स्वीडिश मंत्री जेंस ओर्बाक का कहना है कि उनकी राय में म्यांमार के शासक जनरल यह बताना चाहते हैं वह अंतर्राष्ट्रीय मदद के बिना ही समस्या से निपट सकते हैं।
म्यांमार के राष्ट्रीय मीडिया ने घोषणा की थी कि म्यांमार की सैन्य सरकार 10 मई को एक जनमत कराने जा रही है।
यंगून में रहने वाले एक पश्चिमी कूटनीतिज्ञ का कहना है कि फिलहाल शहर बिजली और पानी के बिना है। हालात सामान्य होने में कई सप्ताह लग सकते हैं।
चक्रवात से फसल को भी भारी नुकसान पहुंचने की आशंका व्यक्त की गई है। सोमवार को यंगून में ईंधन और अनाज की कीमतों में भारी वृद्धि देखी गई।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।












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